विश्व का सब से बडा विवाहोत्सव जनकपुर मे विवाहपञ्चमी ।
जनकपुर ।कैलास दास । मिथिला के परम्परा और संस्कृति के अनुसार राम और सीता के विवाहोत्सव के रूप मे प्रत्येक वर्ष मनाया जाने वाला विवाहपञ्चमी समारोह इस वर्ष भी जनकपुरधाम मे धुमधाम के साथ मनाया गया है ।
करिब नौ लाख वर्ष पहले त्रेतायुग के मार्ग शीर्ष शुक्ल पञ्चमी तिथि के दिन भगवान श्री राम–सीता का विवाह सम्पन्न हुआ था । उसी दिन से विवाह को जीवन्तता देने के लिए मिथिलावासी द्वारा प्रत्येक वर्ष विवाह पञ्चमी मनाया जाता है ।
विश्व मे मिथिला परम्परा अनुसार ऐसा विवाह कही नही देखा गया है । इस पर्व मे नेपाल भारत और विदेश के श्रद्धालुओं की भी सहभागीता थी । ‘विश्व मे ही इस प्रकार के विवाह महोत्सव नही मनाया जाता है ऐसी जनकपुरवासीयों की धारणा है ।’ विश्व का सब से बडा विवाहोत्सव देखने के लिए जनकपुर मे करीब एक लाख से अधिका श्रद्धालुओं की उपस्थिति थी ।
सोमवार को जनकपुर के राम मन्दिर से पुरुषोत्तम भगवान राम का बारात निकाल कर नगर के परिक्रमा करते हुए बारह विघा (रंगभूमि मैदान) मे पहुँचा था । उसी प्रकार जानकी
मन्दिर से कन्या पक्ष (सीता) की डोली भी बारह विघा पहुँची थी । राम के पिता के भूमिका मे राम मन्दिर के महन्थ राम गिरी तथा सीता के पिता के भूमिका के रुप मे जानकी मन्दिर के महन्थ राम तपेश्वर दास थे । रंगभूमि मैदान मे दोनो डोला को रखकर विवाह सम्पन्न हुआ है । विवाह सम्पन्न पश्चात् राम गिरी और तपेश्वर दास ने समधी मिलन भी कीया ।

