राप्रपा अध्यक्ष थापा जनता समाजवादी और कांग्रेस बीच की गई सहमति के विपक्ष में
काठमांडू, २८ अप्रील । सांसद् डा. सुरेन्द्र यादव अपहरणकाण्ड तथा सरकार की कार्यसम्पादन संबंधी विषयों को लेकर नवगठित जनता समाजवादी पार्टी, नेपाली कांग्रेस और राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के बीच की गई सहमति में राप्रपा के ही अध्यक्ष कमल थापा ने विरोध किया है । सहमतिपत्र में उल्लेखित सरकार विरुद्ध प्रतिपक्षी दलों की मोर्चाबंधी और संघर्ष संबंधी विषय में उन्होंने अपनी असंतुष्टी जाहिर किया है । सहमतिपत्र में राप्रपा के दूसरे अध्यक्ष डा. प्रकाशचन्द्र लोहनी ने हस्ताक्षर किया है । जिससे स्पष्ट होता है कि डा. लोहनी ने पार्टी में सहमति किए बिना ही मिटिङ में सहभागी होकर उक्त सममति पत्र में हस्ताक्षर किए हैं ।
सोमबार सम्पन्न ३ प्रतिपक्षी दलों (नेपाली कांग्रेस, जनता समाजवादी पार्टी और राप्रपा) की मिटिङ के बाद ३ सूत्रीय विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा गया था कि लोकतन्त्रवादी शक्ति एकताबद्ध होकर संघर्ष किया जाएगा । लेकिन राप्रपा अध्यक्ष थापा को कहना है कि सरकार स्वइच्छाचारी गतिविधि के साथ आगे बढ़ रही है, अधिनायक प्रवृत्ति भी दिख रही है, राप्रपा इस प्रवृत्ति को सशक्त प्रतिवाद करती है, लेकिन राजनीतिक ध्रुवीकरण सहित संघर्ष के लिए राप्रपा तैयार नहीं है । एक ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि देश संकट में है, ऐसी अवस्था में राजनीतिक ध्रुवीकरण देश के लिए हितकारी नहीं है, राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ोत्तरी करेगी ।

