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इस साल बुद्ध पूर्णिमा 6 मई को

 

वैशाख मास की पूर्णिमा को देशभर में बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। इस साल बुद्ध पूर्णिमा 6 मई को है। इस दिन लोग सुबह सुबह उठकर नदियों एवं पवित्र सरोवरों में स्नान के बाद दान-पुण्य करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण सभी घर में रहकर ही बुद्ध पूर्णिमा का व्रत रखेंगे।

मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण के बचपन के साथी सुदामा जब द्वारिका उनके पास मिलने पहुंचे थे, तो भगवान श्री कृष्ण ने इस पूर्णिमा व्रत का विधान बताया। इसी व्रत के प्रभाव से सुदामा की दरिद्रता दूर हुई। इस दिन सुबह सवेरे उठकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध का भी जन्म हुआ था, यही नहीं बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ।

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वैशाख पूर्णिमा के दिन उन्हें बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई, तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। भगवान बुद्ध के उपदेश आज भी दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने आध्यात्मिकता का महत्व बताते हुए कहा था कि जिस प्रकार मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती वैसी ही मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता।

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