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आज मनाया जा रहा है हरियाली तीज, इस बार सुस्थिर नामक महा औदायिक योग बन रहा

 

 

हरियाली तीज आज मनाई जाएगी। इस दिन पति की लंबी आयु के लिए सुहागिनें व्रत रखेंगी। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज या हरियाली तीज कहते हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव जी की पूजा करती हैं। दूसरे दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद व्रत पूरा करके पारण करती हैं।

वाराणसी से प्रकाशित हृषिकेश पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्योदय 5:30 पर और तृतीया तिथि का मान सायंकाल 5:01 तक है। इसी तरह पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का मान दिन में 10:42, पश्चात उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है। शिव योग भी रात 8:26 तक है। प्रातः फाल्गुनी नक्षत्र और बुधवार का संयोग होने से इस दिन सुस्थिर नामक महा औदायिक योग बन रहा है। यह दांपत्य जीवन को स्थायी मधुरता प्रदान करेगा। भगवान शिव और पार्वती के पूजन के दिन ‘शिव’ योग होने से इस व्रत का बड़ा ही महत्वपूर्ण मान्यता के रूप मे देखा जा रहा है।
हरियाली तीज के दिन सोलह श्रृंगार करें और हाथों में हरे रंग की चूड़ियां पहनें। इस दिन मेहंदी लगाने का बड़ा ही महत्व है। मान्यता है कि नवविवाहिता लड़की अपने पिता के घर में जाए और वहीं इस व्रत को करें। इस अवसर पर महिलाएं झूला झूलती हैं और सावन के गीत गाती हैं। कहा जाता है कि मां पार्वती इसी दिन घनघोर तपस्या कर भगवान शंकर को प्राप्त किया था। यह शंकर और पार्वती के मिलन का दिन है। महिलाएं अपने दांपत्य जीवन में अभिवृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए इस व्रत को रखती हैं।

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