Sun. Jun 28th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

अपने ही सुप्रीम लीडर अखुंदजादा का कत्ल; मुल्ला बरादर को बना लिया बंधक: रिपोर्ट

 


ब्रिटेन की एक मैगजीन ने दावा किया है कि कुर्सी की इस लड़ाई में तालिबान के सर्वेसर्वा हिबतुल्लाह अखुंदजादा की मौत हो गई है और उप प्रधानमंत्री मुल्ला बरादर को बंधक बनाकर रखा गया है। सत्ता के लिए यह संघर्ष तालिबान के ही दो धड़ों के बीच हुआ था। मैगजीन ने यह भी बताया कि हक्कानी धड़े के साथ इस झगड़े में सबसे ज्यादा नुकसान मुल्लाह बरादर को ही पहुंचा है।

ब्रिटेन की मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सितंबर माह में तालिबान के दोनों धड़ों की बैठक हुई थी। इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब हक्कानी नेता खलील-उल रहमान हक्कानी अपनी कुर्सी से उठा और उसने बरादर पर मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। बरादर लगातार तालिबान सरकार के कैबिनेट में गैर-तालिबानियों और अल्पलसंख्यकों को भी जगह देने का दबाव बना रहा था ताकि दुनिया के अन्य देश तालिबान सरकार को मान्यता दें।

यह भी पढें   नया बजट - राहत मिली या बोझ बढ़ा ? : डॉ.श्वेता दीप्ति

इस झड़प के बाद बरादर कुछ दिनों के लिए लापता था और अब एक बार फिर से उसे कंधार में देखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बरादर ने आदिवासी नेताओं से मुलाकात की है, जिनका समर्थन भी उसे मिला है। हालांकि, बरादर पर दबाव बनाकर उससे वीडियो संदेश जारी किया। मैगजीन ने दावा किया कि इस वीडियो से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बरादर को बंधक बना लिया गया है।

यह भी पढें   गृह मंत्री ने बारा और पर्सा जिले के सीमावर्ती इलाकों का अचानक निरीक्षण किया

अखुंदजादा को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि वह कहां है। वह काफी समय से न तो दिखा है और न ही उसका कोई संदेश ही जारी किा गया है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अखुंदजादा की मौत हो गई है। तालिबान में इससे पहले सत्ता को लेकर ऐसा संघर्ष नहीं देखा गया था। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क 2016 में एक हो गए थे।

यह भी पढें   बाढ़ और भूस्खलन से देश के विभिन्न हिस्सों के प्रमुख राजमार्ग प्रभावित

बरादर की कोशिश थी कि वह तालिबान की एक अलग छवि पेश करे ताकि दुनिया उसे मान्यता दे। वहीं, हक्कानी नेटवर्क आत्मघाती हमलों का पैरोकार बना हुआ है। अफगानिस्तान में शरणार्थियों के मंत्री खलील हक्कानी को संयुक्त राष्ट्र ने अपनी आतंकियों की सूची में शामिल किया हुआ है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *