Sun. Jul 19th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल में न्यायिक संकट, वकीलों का बहिष्कार; कामकाज ठप

 
चोलेन्द्र शमशेर जबरा, फाईल तस्वीर

आरोपों से घिरे चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा ने  अपना पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का एक गुट चीफ जस्टिस का इस्तीफा मांग रहे है तो वहीं कुछ वकीलों ने शीर्ष न्यायालय का बहिष्कार कर दिया है।

शीर्ष न्यायालय के 15 जजों के साथ मंगलवार को हुई बैठक के दौरान चीफ जस्टिस राणा ने कहा कि वह सिर्फ इसलिए इस्तीफा नहीं दे सकते क्यों कि सड़कों पर लोग उनके खिलाफ हैं और मीडिया में उनके पद छोड़ने की मांग की जा रही है। राणा ने यह भी कहा कि वह संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करेंगे लेकिन पद नहीं छोड़ेंगे। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है।

यह भी पढें   रौतहट में एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश की

राणा ने जजों से कहा, ‘मैं किसी दबाव में पद नहीं छोड़ूंगा लेकिन जरूरत पड़ी तो कानूनी प्रक्रिया का पालन करूंगा।’ वकीलों के एक धड़े ने शीर्ष न्यायालय का बहिष्कार कर दिया है तो वहीं जज बैठकें कर रहे हैं, जिसकी वजह से नेपला के सुप्रीम कोर्ट में कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है। नेपाल बार एसोसिएशन ने धमकी दी है कि अगर राणा खुद पद नहीं छोड़ते तो राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
संविधान के मुताबिक, चीफ जस्टिस पर महाभियोग चलाने के लिए 25 प्रतिशत सांसदों को प्रस्ताव लाना पड़ेगा। वहीं, इस प्रस्ताव पर संसद के दो तिहाई बहुमत की भी जरूरत होगी।

यह भी पढें   फीफा विश्वकप - २ बार का विश्व विजेता फ्रांस को हराकर स्पेन ने किया फाइनल में प्रवेश

प्रधान न्यायाधीश राणा पर पूर्ववर्ती केपी ओली सरकार के विरोध में संसद की बहाली का फैसला देने के बदले नई देउवा सरकार में अपने रिश्तेदार के लिए मंत्रीपद की सौदेबाजी का आरोप है। हालांकि, राणा ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *