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मुंबई विश्वविद्यालय के 170 वें स्थापना दिवस पर हिंदी विभाग ‘उत्कृष्ट विभाग’ पुरस्कार से सम्मानित

 


मुंबई, 18 जुलाई 2026। मुंबई विश्वविद्यालय के 170 वें स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग को भारतीय भाषा विभागों की श्रेणी में ‘उत्कृष्ट विभाग’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के आंतरिक विभागीय मानांकन (यूडीआरएफ) के आधार पर प्रदान किए गए इस पुरस्कार के अंतर्गत हिंदी विभाग को पाँच लाख रुपये की पुरस्कार राशि, स्मृति चिह्न तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

पुरस्कार महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, विशिष्ट अतिथि एवं आईआईएम मुंबई के निदेशक प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार तिवारी, प्रख्यात मराठी अभिनेता प्रशांत दामले, विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. अजय भामरे तथा कुलसचिव डॉ. प्रसाद कारंडे की उपस्थिति में प्रदान किया गया। हिंदी विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय तथा विभाग के आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. सचिन गपाट ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

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भारतीय विश्वविद्यालयों के इतिहास में मुंबई विश्वविद्यालय का विशिष्ट एवं गौरवपूर्ण स्थान रहा है। मुंबई विश्वविद्यालय ने साहित्य, भाषा और संस्कृति के अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में देश को नई दिशा देने वाले अनेक विद्वानों, विचारकों, उद्यमियों तथा वैज्ञानिकों का निर्माण किया है। विश्वविद्यालय के सात पूर्व विद्यार्थियों को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया जा चुका है। इसकी स्थापना 18 जुलाई 1857 को हुई थी। विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर आरंभ में फोर्ट में स्थापित किया गया। कालांतर में विभिन्न शैक्षणिक विभागों के विस्तार के साथ कलीना परिसर का विकास हुआ। इसी परिसर में वर्ष 1970 में हिंदी विभाग का विधिवत शुभारंभ किया गया। आरंभ में विभाग में प्राध्यापक का केवल एक पद था, जबकि वर्तमान में प्राध्यापकों की संख्या बढ़कर दस हो गई है।

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हिंदी विभाग में वर्तमान समय में स्नातक चतुर्थ वर्ष (ऑनर्स एवं रिसर्च), स्नातकोत्तर (एम.ए.) और पीएच.डी. के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अनुवाद तथा विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी-प्रशिक्षण से संबंधित पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं। विभाग की ओर से अब तक अनेक अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय संगोष्ठियों, पुनश्चर्या पाठ्यक्रमों और संकाय संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है। विभाग से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आज देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में अध्यापन और शोध के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभाग के अनेक पूर्व विद्यार्थी समाचार चैनलों, समाचार पत्रों, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, प्रतिष्ठित कंपनियों और बैंकों के राजभाषा विभागों में महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही सिनेमा, टेलीविजन और रंगमंच के क्षेत्र में भी विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है।

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हिंदी विभाग की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुंबई विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, प्र-कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. अजय भामरे तथा कुलसचिव डॉ. प्रसाद कारंडे ने विभाग के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया।

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