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विवाहपञ्चमी महोत्सव पर भगवान राम का तिलकोत्सव सम्पन्न

 

DSC06989कैलास दास,जनकपुर, मंसिर ९ । सप्ताहव्यापी रामजानकी विवाहपञ्चमी महोत्सव अन्तर्गत मंगलवार को भगवान राम का तिलकोत्सव सम्पन्न हुआ है ।  इस अवसर पर जानकी मंन्दिर से  एक सौ एक  भार राम मन्दिर में ले जाकर मिथिला परम्परा अनुसार तिलकोत्सव किया गया है ।

तिलकोत्सव के लिए श्री महावीर युवा कमिटी ने आकर्षक एवं कलात्मक मञ्च का निर्माण किया था । इस बार भारत अयोध्या से बडे संख्या में साधु सन्त एवं श्रद्धालुगण आए हुए है । नेपाल—भारत से हजारौं की संख्या में आए श्रद्धालुगण तिलकोत्सव में सहभागी थे ।

अयोध्या से आये बारात को मिथिलानी महिलाओं ने जमकर विवाह गीत द्वारा गाली दी थी जो बहुत ही भावुक एवं मनोरञ्जनात्मक लग रहा था । अयोध्या से आए बरातो ने भी हस्सी ठहक्का का फुहारे छोड रहे थे । यह दृश्य बहुत ही आनन्दित कर रहा था । दोनो पक्ष का हस्सी मजाक से राममन्दिर गुन्जमय बना हुआ था ।

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DSC07013राजर्षि जनक के भूमिका जानकी मंन्दिर का महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव ने किया था तो भारत अयोध्या  से आये दिगम्वर अखडा का महन्थ सुरेश दास ने  राजा दशरथ का भूमिका किया था । तिलकोत्सव पश्चात् राममन्दिर का महन्थ राम गिरी और जनकी मंन्दिर का महन्थ रामतपेश्वर दास ने समधी मिलन किया था ।

कार्यक्रम में जनक के भूमिका निर्वाह कर रहे सुरेश दास ने अमेरीका तथा पाकिस्तान के ईशारा में जनकपुर को धर्म निरपेक्ष राष्ट्र घोषणा किया गया बताया । उसी प्रकार बशिष्ट का भूमिका निर्वाह कर रहे डा रामेश्वर दास वैष्णव ने भगवान राम और सीता विवाह को स्मरण में प्रत्येक वर्ष विवाहोत्सव मनाकर मिथिला और अवध को सम्बन्ध सुमधुर बनाकर रखने के लिए सभी से अपील की

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जानकी मंन्दिर का महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव ने जनकपुरवासी  रामजानकी के विवाह को बडा उत्सव के रुप में मनाने के लिए सभी से आग्रह किया ।

IMG_20141125_153626ब्रम्हम कुमारी राजयोग सेवा केन्द्र जनकपुर की सञ्चालिका गंगामाता, धनुषाका प्रमुख जिल्ला अधिकारी कृष्णप्रसाद ढुङ्गाना ने भी अपनी बात रखा था ।

नेपाली सेना का व्याण्ड टोली ने मंगलधुन बजाकर भारत से आये बरात को स्वागत किया था ।

विवहपञ्चमी महोत्सव अन्तर्गत बुधवार मटकोर तथा विहिवार विवाहोत्सव कार्गक्रम है । विश्व का  यही एक विवाहोत्सव है जो बिना नौता का लाखौं बरात सहभागी होते है ।

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