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कार्बन उत्सर्जन करने वाले देश मुआवजा दें कार्बन नहीं उत्सर्जन करने वाले देश को – प्रधानमंत्री ओली

 
नेपाली प्रतिनिधिमण्डलको नेतृत्व गर्नुहुँदै संयुक्त राष्ट्रसङ्घको ७९ औँ महासभामा सहभागी हुन संयुक्त राज्य अमेरिकाको न्युयोर्कमा रहनुभएका प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली स्थानीय समय अनुसार शनिबार दिउँसो फोसिल फ्युलमुक्त संसदीय सञ्जाल कार्यक्रमलाई सम्बोधन गर्दै । तस्बिरः प्रदीपराज वन्त/रासस

काठमांडू, असोज ६ – प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि नेपाल की स्पष्ट मान्यता है कि कार्बन उत्सर्जन करने वाले देश को उन देशों को क्षतिपूर्ति देनी चाहिए जो देश कार्बन उत्सर्जन नहीं करते हैं ।
नेपाली प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व करते हुए संयुक्त राष्ट्रसंघ के ७९वें महासभा में भाग लेने के क्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयोर्क पहुँचे प्रधानमंत्री ओली ने स्थानीय समय अनुसार शनिवार आयोजित जीवाष्म इन्धनमुक्त संसदीय संजाल (पार्लियामेन्टेरियन्स फॉर फोसिल फ्युल फ्री) के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन के क्रम में यह बात कही ।
प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि नेपाल कार्बन उत्सर्जन में शून्य योगदान कर जलवायु परिवर्तन के असर को रोकने में मदद कर रहा है । इस मदद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित देशों को कार्बन उत्सर्जन के कारण नेपाल के सगरमाथा और हिमाल पिघलने लगा है । जिसका असर वहाँ के समुदाय पर पड़ रहा है । इसलिए उन्हें क्षतिपूर्ति देने के लिए उन्होंने जोड़ दिया ।
प्रधानमत्री ओली ने इस बात पर भी जोर दिया कि पेरिस समझौते के अनुसार स्थापित विश्व के विकसित देशों को भविष्य में जलवायु अनुकूलन के लिए आर्थिक लगानी में वृद्धि करनी होगी । उन्होंने कहा कि “हमारा भविष्य सुन्दर है, क्योंकि हम भविष्य के लिए लगानी लगा रहे हैं ।”

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