मैं टेढ़ा आदमी हूँ, किसी के कहने पर रुकने वाला नहीं : देउवा
काठमांडू, असार २४ (२०७९) । नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा ने पार्टी के १५वें महाधिवेशन को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि वह संविधान और विधान का सम्मान करते हैं, और कार्यकाल बढ़ाने की संवैधानिक व्यवस्था के तहत अभी भी ६ महिने का समय है। सानेपा में जारी कांग्रेस के केन्द्रीय समिति बैठक में उन्होंने कहा,
“मैं कोई कहेगा तो छोड़ देने वाला नहीं, मैं टेढ़ा आदमी हूँ। मैंने संविधान का हवाला दिया है, न कि किसी व्यक्तिगत इच्छा का।”
देउवा ने महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा के उस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने देउवा से छठी बार प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा न पालने और सम्मानजनक विदाई लेने का आग्रह किया था। शर्मा ने कहा कि देउवा अब पार्टी और देश के व्यापक हित में नेतृत्व छोड़कर मार्ग प्रशस्त करें तो यह एक सकारात्मक उदाहरण होगा।
शर्मा का ५-बिंदु प्रस्ताव
विश्वप्रकाश शर्मा ने मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता से निपटने के लिए संविधान संशोधन का पाँच-बिंदु प्रस्ताव भी बैठक में पेश किया। इसका सार यह है:
- लोकप्रिय मत और प्रत्यक्ष सीट के आधार पर सरकार गठन का अधिकार पहले दल को।
- सिंगल विनर सिद्धांत लागू कर अपूर्ण बहुमत को विशेषज्ञों के नाम से पूरा करना।
- प्रधानमंत्री के रूप में संसदीय दल के नेता की नियुक्ति और विशेषज्ञों को मंत्री बनाने की अनुमति।
- विश्वास मत की दो चरणों में पुष्टि: शपथ के १० दिन में और दो वर्षों के बाद।
- कोई व्यक्ति अधिकतम दो बार ही प्रधानमंत्री बन सके।
“२०८४ से पहले ही महाधिवेशन होगा” – गगन थापा
कांग्रेस के महामन्त्री गगन थापा ने आश्वासन दिया कि २०८४ के चुनाव से पहले ही महाधिवेशन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि असोज में होने वाली केन्द्रीय समिति बैठक में महाधिवेशन की तिथि तय होगी।
थापा ने कहा,
“अब समय बर्बाद न करें, महाधिवेशन की पूरी तैयारी हम शुरू कर चुके हैं। दसैं से पहले असोज में केन्द्रीय समिति बैठक कर हम तिथि तय करेंगे।”
उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए भ्रातृ संगठन, शुभेच्छुक संस्था, सदस्यता नवीकरण और अभियान संचालन पर जोर दिया।
भ्रष्टाचार के मामलों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि,
“जो दोषी है, वह कांग्रेस में हो या बाहर – किसी को भी कानून से उन्मुक्ति नहीं मिलनी चाहिए।”
संविधान संशोधन के लिए कार्यदल गठन
बैठक में कांग्रेस ने सात बुँदे सहमति के अनुरूप संविधान संशोधन के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और पार्टी स्तर पर संविधान संशोधन के मुद्दे पर सुझाव संकलन और समन्वय के लिए कार्यदल गठन का निर्णय लिया। यह कार्यदल आन्तरिक संवाद, राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करेगा।
सरकार को ध्यानाकर्षण
कांग्रेस ने सरकार से निम्न विषयों पर ध्यानाकर्षण कराया:
- किसानों को रासायनिक खाद की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।
- प्राकृतिक और जैविक खाद को प्रोत्साहन दिया जाए।
- कृषि विषादी पर नियंत्रण और गुणवत्ता की निगरानी।
- रोजगार और व्यापार में बाधक कानूनी एवं कर प्रणाली में सुधार।
- चिकित्सकों के आंदोलन पर शीघ्र वार्ता कर समाधान।
साथ ही, कांग्रेस ने इस वर्ष भारी वर्षा के पूर्वानुमान के मद्देनज़र पूर्व तैयारी करने की सरकार से मांग की। राधा खनाल की रिपोर्ट, अन्नपूर्णा पोस्ट से साभार।


