आजाद धड़कन ‘बाल कविता’ प्रतियोगिता
हिमालिनी ज्ञानकुंज
‘बाल कविता’ प्रतियोगिता
आजाद धड़कन
श्रीआना रायमाझी कक्षा– १० केन्द्रीय विद्यालय, भारतीय राजदूतावास काठमांडू
वसुधैव कुटुंबकम् का दीप जले,
हिंदुस्तान की मिट्टी में प्रेम पले ।
नेपाल के पर्वत से गंगा की धार,
भारत नेपाल का अमर है प्यार ।
मैं नेपाल से हूँ, भारत से है नाता,
दोनों की मिट्टी से जुडा है जीवन का आता–जाता ।
राम का आदर्श, कृष्ण की बात,
मन में बसी है दोनों की सौगात ।
जहाँ धर्म हो दीप, और प्रेम हो प्रकाश
हर दिल में जले भारत का विश्वास ।
सत्यम, शिवम, सुंदरम का हो विचार,
यही बने भारत– महान और अपार ।
जय उस भूमि की जहाँ राम ने जन्म लिया,
जहाँ कृष्ण की बंसी से प्रेम का पाठ दिया ।
जय उस कहानी की, जो सिपाही ने लिखी,
सीने पे गोली खा ली, मगर आँख न भिगी ।
और सलाम उस सिपाही के परिवार को
जो हँसकर सहते हैं दर्द हर वार को ।
माँ, बहन, पत्नी या प्यारी नारी,
हर आँसू में होता है बलिदानी छबि सारी ।
नारी हो शक्ति, न हो बेबसी,
ज्ञान बने शस्त्र, और प्रेम बने नीति
जहाँ हर बच्चा कहे, “मैं हूँ तैयार’
रखवाली को अपने देश के द्वार ।
भारत हो एसा जहाँ नफरत न हो,
हर दिल में दीप, और अंधेरा न हो ।
हर दिल में हो देश की बात,
भारत–नेपाल रहे सदा साथ ।

कक्षा– १०
केन्द्रीय विद्यालय, भारतीय राजदूतावास काठमांडू

