Thu. Sep 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मधेश-केंद्रित सात-दलीय संघीय लोकतांत्रिक मोर्चे से जनमत पार्टी बाहर

 

21 श्रावण, बुटवल।

जनमत पार्टी ने मधेश-केंद्रित सात-दलीय संघीय लोकतांत्रिक मोर्चे के चुनावी गठबंधन से बाहर हाे गइ है ।

जनमत पार्टी के केंद्रीय सचिव भोपेंद्र यादव ने कहा कि वह सरकार के साथ अपनी मांगों, संघर्षों और मुद्दों पर मोर्चे में साथ रहेगी, लेकिन चुनावी गठबंधन से अलग रहेगी ।

रूपन्देही के सियारी में बुधवार को मोर्चे द्वारा आयोजित बैठक में भी जनमत पार्टी अनुपस्थित रही। मोर्चे ने रूपन्देही-3 के उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए सियारी गाँव नगर पालिका-3 में एक जागरूकता बैठक आयोजित की थी।

कार्यक्रम में मोर्चे के छह दलों के शीर्ष नेता मौजूद थे। जनमत पार्टी के सचिव यादव ने बताया कि जनमत पार्टी ने बैठक में भाग नहीं लिया और आने वाले दिनों में चुनावी सभाओं में भी भाग नहीं लेगी।

यादव ने कहा, “हम अपनी मांगों, संघर्षों और सरकार के साथ अपने मुद्दों पर मोर्चे में साथ हैं, लेकिन हम चुनावी गठबंधन में नहीं रहेंगे, हम अलग रहेंगे। इसीलिए पार्टी आज की बैठक में मौजूद नहीं थी।”

यह भी पढें   प्रधान सेनापति अशोकराज सिग्देल चीन यात्रा के लिए रवाना

सचिव यादव ने स्पष्ट किया कि जनमत पार्टी, कार्तिक 17 को रूपन्देही-3 में होने वाले आगामी उपचुनाव में अपना अलग उम्मीदवार उतारेगी और मोर्चे का समर्थन नहीं करेगी।

हालांकि चुनावी मोर्चे से अलग होने का औपचारिक निर्णय अभी नहीं हुआ है, लेकिन सचिव यादव ने बताया कि चुनाव को लक्षित मोर्चे के किसी भी कार्यक्रम में भाग न लेने का आंतरिक निर्णय लिया गया है।

रूपन्देही-3 में 2079 के  आम चुनाव में समानुपातिक मतों को देखें तो जनमत पार्टी के मतों को जोड़ दिया जाए तो संघीय लोकतांत्रिक मोर्चा पहली ताकत होगी। पिछले चुनाव में डाले गए 90,000 मतों में से नेपाली कांग्रेस को 20,278 मत, यूएमएल को 16,986 मत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को 14,154 मत और आरपीपी को 9,183 मत मिले थे।

इसी तरह, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी को 6,000, जसपा नेपाल को 5,000, लोसपा को 5,000 और जनमत पार्टी को 3,700 वोट मिले।

यह भी पढें   सोेने और चाँदी की कीमतों में बढ़ोतरी

अब, मोर्चे में हृदयेश त्रिपाठी की जनता प्रगतिशील पार्टी, तमलाेपा और राजेंद्र महतो के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी भी शामिल हो गई है। लेकिन जनमत पार्टी के अलग होने से मोर्चे के वोट कम हो जाते हैं।

बैठक में बोलते हुए, राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने कहा कि मोर्चा रूपन्देही-3 चुनाव को इस बात की चुनाैती के रूप में देखता है कि मधेशी मोर्चा 2084 के चुनावों में टिक पाएगा या नहीं।

उन्होंने वर्तमान सरकार पर घोटालों में लिप्त होने और देश को लूटने तथा अपने पापों को छिपाने के लिए गठित होने का भी आरोप लगाया।

नागरिक उन्मुक्ति पार्टी  के संरक्षक रेशम चौधरी ने कहा कि मधेशियों ने थारूओं पर भरोसा करके रूपन्देही-3 उपचुनाव में उनकी पार्टी को उम्मीदवार बनाया है और उन पर किसी भी कीमत पर जीत हासिल करने का दबाव है। चौधरी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर 2082 के चुनावों में हुए राजनीतिक समझौतों का पालन नहीं किया गया, तो इसका असर 2084 के चुनावों में देखने को मिलेगा।

यह भी पढें   आखिर कब खुलेगा काठमांडू-मुग्लिन रोड ? क्या है कृष्णभीर का विकल्प ?

जनता प्रगतिशील पार्टी के अध्यक्ष हृदयेश त्रिपाठी ने कहा कि राज्य की सत्ता मधेशियों, थारूओं, मुसलमानों आदि के हाथों में नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अगर चुरे और जंगलों को नष्ट करने वाले कानून बनाए गए तो विद्रोह होगा।

तमलोपा के अध्यक्ष वृषेश चंद्र लाल ने कहा कि लाल आयोग की रिपोर्ट जल्द से जल्द सार्वजनिक की जानी चाहिए।

जेएसपी नेपाल के महासचिव राम कुमार शर्मा ने कहा कि मधेश जनता के विद्रोह के कारण को नहीं भूलना चाहिए और जब तक मधेश-केंद्रित दल एकजुट नहीं होंगे, तब तक उत्पीड़न से मुक्ति नहीं मिलेगी।

लोसपा के प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश मंत्री संतोष पांडेय ने कहा कि मोर्चा के सभी दलों को मोर्चा के साझा प्रत्याशी का समर्थन करना चाहिए।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com