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कीर्तिपुर होल्डिंग सेंटर में पुलिस की बर्बरता: जेन-जी प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटा गया

 

काठमांडू, ११ जुलाई । नेपाल की राजधानी काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित होल्डिंग सेंटर में बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज और धरपकड़ का मामला सामने आया है। ‘जेन-जी मूवमेंट अलायंस’ (Gen-Z Movement Alliance) से जुड़े युवाओं को न केवल पुलिस ने बुरी तरह घसीटकर हिरासत में लिया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

**बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पहुंचे थे युवा**

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात हुई भारी बारिश के कारण बागमती नदी का पानी कीर्तिपुर स्थित होल्डिंग सेंटर में घुस गया था, जिससे वहां रह रहे सुकुम्बासी (भूमिहीन/झुग्गी-झोपड़ी वाले) अत्यधिक प्रभावित हुए। शनिवार दोपहर ‘जेन-जी मूवमेंट अलायंस’ के कार्यकर्ता माजिद अंसारी, सरिश्मा थापा और नहेन्द्र खड़का वहां की जमीनी स्थिति को समझने और पीड़ितों की सहायता के लिए पहुंचे थे।

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लेकिन, वहां तैनात पुलिस बल ने अचानक इन युवाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी और अभियान के सदस्य अमित ऊर्जा द्वारा फेसबुक पर साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस का एक बड़ा दल इन युवाओं को बेरहमी से घसीटते हुए पुलिस वैन में डाल रहा है।

पुलिस की बदसलूकी और मारपीट: ‘छात्र हो तो राजनीति क्यों कर रहे हो?’

वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी हिरासत में लेते समय युवाओं के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील शब्दों का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं। पुलिस की इस बर्बरता के कारण वैन में बैठाए जाने के दौरान माजिद अंसारी के चेहरे, नाक और मुंह से खून बहता हुआ दिखाई दिया।

जब माजिद ने पुलिसकर्मियों से कानूनन गिरफ्तारी वारंट (पक्राउ पुर्जी) की मांग की, तो एक पुलिस अधिकारी ने भड़कते हुए कहा, *”कैसा वारंट? तुम्हारे माता-पिता ने तुम्हें घर से पढ़ने के लिए भेजा है। तुम राजनीति करते हो? ज्यादा मत बनो। तुम सिर्फ पढ़ाई करो, छात्र जीवन में राजनीति करने की जरूरत नहीं है।”*

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हालांकि, जब भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर बताया कि माजिद कोई आम छात्र नहीं बल्कि एक वकील हैं, तो उस पुलिस अधिकारी की बोलती बंद हो गई।

*बिना वारंट के पुलिस हिरासत में घायल कार्यकर्ता**

हिरासत में लिए जाने के बाद पीड़ित माजिद अंसारी ने फोन पर संक्षिप्त बातचीत में बताया:

“हमें बिना किसी गिरफ्तारी वारंट के कीर्तिपुर पुलिस वृत्त (थाने) में रखा गया है। पुलिस ने हमारे साथ बेरहमी से मारपीट की है, जिससे मेरी नाक और मुंह से लगातार खून बह रहा है।”

**पुलिस का पक्ष: ‘हंगामा करने पर लिया नियंत्रण में’**

दूसरी ओर, जिला पुलिस परिसर काठमांडू के प्रवक्ता पुलिस उपरीक्षक (SP) पवन भट्टराई ने पुलिस की इस हिंसक कार्रवाई का बचाव किया है। उन्होंने दावा किया कि होल्डिंग सेंटर में बाढ़ का पानी घुसने के बाद वहां फंसे लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा था।

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SP भट्टराई ने कहा, *”जब प्रशासन राहत कार्य में जुटा था, तब ये युवा वहां पहुंचकर हंगामा (हो-हल्ला) करने लगे, जिसके कारण इन्हें नियंत्रण में लिया गया।”* पुलिस का यह भी कहना है कि यह कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि स्थिति को संभालने के लिए कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया है।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और तत्काल रिहाई की मांग

इस घटना के बाद ‘जेन-जी मूवमेंट अलायंस’ ने शनिवार शाम को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिसिया दमन की कड़े शब्दों में निंदा की है। अलायंस ने मांग की है कि माजिद अंसारी सहित उनके सभी प्रतिनिधियों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही, युवाओं पर अवैध रूप से बल प्रयोग करने और उन्हें लहूलुहान करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच बिठाकर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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