Thu. Aug 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

उपरी त्रिशूली तिसरी ‘बी’ जलविद्युत परीयोजना निर्माण सरकार नें किया एैसा निर्णय

 


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १ जुलाई ।
उपरी त्रिशूली तिसरी ‘बी’ जलविद्युत परीयोजना निर्माण के लिए सरकार अब वन क्षेत्र का उपयोग करने देगी । प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में मन्त्रिपरिषद् की बैठक ने ३७ मेगावाट क्षमता वाली इस जलविद्युत् परीयोजना निर्माण के लिए वन क्षेत्र का उपयोग करने देने का निर्णय किया ये जानकारी कानून, न्याय तथा संसदीय मामला मंत्री शेरबहादुर तामाङ ने दी ।
बैठक ने खाद्यान्न ढोआई के लिए उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय को अतिरिक्ति ७ करोड़ रुपए मुहैया कराने का निर्णय भी किया हैं ।
इसके अलावा बैठक ने नेपाल पुलिस और प्रदेश पुलिस के कार्य सञ्चालन, सुपरीवेक्षण और समन्वयसम्बन्धी विधेयक के साथ साथ सशस्त्र पुलिस बल नेपाल सेवा के गठन, सञ्चालन और सेवा की शर्त सम्बन्धी विधेयक तैयार करने के लिए सैद्धान्तिक सहमति दी है । साथ ही बैठक ने विदुषी योगमाया विश्वविद्यालय बनाने के बिषय में कानून बनाने की सैद्धान्तिक सहमति भी दी है ।
इसीतरहा, जयतु संस्कृतम् ने पूर्वीय दर्शन पर आधारित दो पुस्तकों को सार्वजनिक किया । काठमांडू में आयाजित कार्यक्रम में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति गंगाप्रसाद उप्रेती ने तत्वार्थ सूत्रम् और दर्शनसार अमृतम् नाम की दो पुस्तकों को सार्वजनिक किया ।
कार्यक्रम में जयतु संस्कृतम के अध्यक्ष डॉ. बद्री पोखरेल ने कहा कि वि. सं. २००४ साल में राणा शासन के विरोध में श्रीभद्र शर्मा, राजेश्वर देवकोटा, कमलराज रेग्मी समेत विद्यार्थी नेताओं के नेतृत्व में संचालित जयतु संस्कृतम् नामक विद्यार्थी आंदोलन का नेपाल के शैक्षिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूण योगदान है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com