पुलिस और पत्रकार मिलकर लुटपाट
काठमांडू, २३ मार्च । देश और समाज में शान्ति–सुरक्षा कायम रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है । और कहीं अवैध क्रियाकलाप होती है तो उसके संबंधी जनता को सूसुचित करने की जिम्मेदारी पत्रकारों की । लेकिन यहां एक ऐसी घटना है, जहां पुलिस और पत्रकार मिलकर एक व्यवसायी के ऊपर लुटपाट किया है ।
हां, महागरीय पुलिस वृत्त दरबारमार्ग (काठमांडू) में कार्यरत पुलिस निरीक्षक (असई) सुरेस बस्याल, पुलिस जवान हेमकान्त मगर और वीरबहादुर बस्नेत, पत्रकार सुजन आचार्य और एक अन्य व्यक्ति मिलकर एक हिरे की व्यापारी को लुटने का योजना बनाते हैं । योजना अनुसार वे लोग काठमांडू से पालुङ –मकवानपुर) पहुँचते हैं । मकवानपुर जिला स्थित कैलाश गांवपालिका निवासी एक व्यापारी से वे लोग हिरा खरीद करने के लिए पहुँच जाते हैं । व्यापारी से मिलने के बाद हिरा अपने कब्जे में लेते हैं और व्यापरी को धमकीपूर्ण भाषा में कहते हैं कि हम लोग पुलिस हैं, अगर हलाबाजी की तो आप फंस जाएंगे ।
इसतरह वे लोग व्यापारी से हिरा छीन कर वहां से काठमांडू वापस हो जाते हैं । लेकिन व्यपारी स्थानीयबासी से सहयोग मांगते हैं और पुलिस को घटना के संबंध में सूचना देते हैं । सूचना प्राप्त करते ही इलाका पुलिस कार्यालय पालुङ में कार्यरत पुलिस निरीक्षक विकास तामाङ के नेतृत्व में एक टोली परिचालित किया जाता है । सूचना अनुसार शंकास्पद चारों व्यक्ति को आइतबार शाम गिरफ्तार किया जाता है । इसतहर लुटपाट में संलग्न पुलिस और पत्रकार पुलिस नियन्त्रण में आ जाते हैं ।
बताया गया है कि लुटपाट में संलग्न तीनों पुलिस कर्मचारी महानगरीय पुलिस आयुक्त कार्यालय सिआरभी टोली अन्तर्गत कार्यरत हैं । सिआरभी टोली को परिचालन करने की जिम्मेदारी महानगरी आयुक्त कार्यालय करती है, लेकिन वे लोग दरबारमार्ग वृत्त में कार्यरत थे । १२ घंटों की अपनी ड्यूटी खत्तम कर वे लोग व्यपारी को लुट्ने के लिए पालुङ पहुँचे थे । महानगरी पुलिस कार्यालय ने कहा है कि पुलिस होकर उन लोगों ने घिनौनी और अपराधजन्य काम किया है, वे लोग अब पुलिस प्रशासन में नहीं रह सकते हैं और अन्य अपराधियों के लिए जो कारवाही है, वही कारवाही उन लोगों के ऊपर भी होगी ।

