अफगानिस्तान में सिख धार्मिक सभा पर आतंकी हमला ग्यारह की माैत
काबुल,एपी।
अफगानिस्तान में एक सिख धार्मिक सभा में जुटे लोगों पर कुछ बंदूकधारियों ने हमला कर दिया, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई है। ये सभी लोग काबुल में एक धार्मिक समागम के लिए जमा हुए थे। हमले के बाद पुलिस ने तुंरत कार्रवाई शुरू कर दी और घटनास्थल पर पहुंच गई।
टोलोन्यूज के मुताबिक, इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य घायल हो गए हैं। यह हमला काबुल के पीडी1 इलाके के सिख धार्मिक क्षेत्र धर्मशाला में हुआ है। एक ट्वीट में बताया गया है कि अभी भी तीन हमलावर सुरक्षाकर्मियों के साथ लड़ाई कर रहे हैं। विदेशी सैनिकों ने भी धर्मशाला में हमले पर प्रतिक्रिया दी है।काबुल पुलिस ने बताया कि गुरुद्वारे से 11 बच्चों को बचा लिया गया है।
अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि पुलिस ने बुधवार के हमले का तुरंत जवाब दिया और उस स्थल पर थे, जहां अभी शूटिंग चल रही है। सिख पूजा के स्थान को गुरुद्वारा के नाम से जाना जाता है।
एक सिख लॉमेकर नरिंद्र सिंह खालसा के मुताबिक, गुरुद्वारे में पूजा करने वाले एक शख्स ने हमले की जानकारी दी और मदद के लिए कहा। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त गुरुद्वारे में 150 लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस हमले में 11 लोगों की जान चली गई। खालसा ने बताया कि पुलिस हमलावरों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता, तारिक आरियान ने बताया कि अफगानी सेना ने गुरुद्वारे की पहली मंजिल खाली करवा ली है, जहां आत्मघाती हमलावर लड़ाई कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बिल्डिंग में फंसे काफी लोगों को बचा लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है। वहीं ,तालिबान के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट करके कहा है कि तालिबान इस हमले में शामिल नहीं हैं। इस महीने की शरुआत में ही इस्लामिक स्टेट ने काबूल में मौजूद अल्पसंख्यक शिया मुसलमानों के एक समूह पर हमला किया, जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई थी।
हाल के वर्षों में सिखों और हिंदुओं ने बड़ी संख्या में भारत में शरण ली है, यहां सिखों और हिंदुओं की बड़ी आबादी रहती है। जुलाई 2018 में इस्लामिक स्टेट द्वारा सिखों और हिंदुओं के एक काफिले पर हमला किया गया था। ये लोग अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मिलने जलालाबाद जा रहे थे। इस हमले में 19 लोगों की मौत हो गई थी।


