‘लॉक डाउन’ में बिराटनगर, जहाँ मै भी हूँ : जय प्रकाश गुप्ता
6 years ago
बिराटनगर । यह निश्चित है कि ‘लॉकडाउन’ की अवधि बढ़ जाएगी। यह आवश्यक भी है। यहां लोगों में अवज्ञा की प्रवृत्ति बढ़ रही है। यह मुख्य बाजार से परे लगता है। पुलिस को सारी जिम्मेदारी देकर, राजनीतिक दल उत्प्रेरक बनने में असफल हो रहे हैं। स्वभावतः प्रहरी, शक्ति प्रयोग का द्योतक है,उसी में तल्लीन है। महानगरपालिका बनाने के जल्दबाजी के बाद ये अनुमान किया जा सकता है की जन प्रधिनिधि मोटर गाड़ी में लाउडस्पीकर बांध कर टोल-टोल में पहुंचे होंगे की, नहीं पहुंचे होंगे।
इस समय विराटनगर में लॉकडाउन के सभी चुनौतियों पर विचार कर रहा था। ये शहर सुनसरी, मोरंग और सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों युवाओं के लिए जीवन धान्ने निर्वाहमुखी श्रम बाजार है। इसके साथ ही, सिमान्तकृत कृषि तथा अन्य उत्पादनकर्ताओं के वस्तु विक्रय का बाजार भी है। तीसरी बात निम्न मध्यवर्गीय समुदायों की घनी बस्ती है जो रोज़ खरीदते और खाते हैं। शहर का यह तथ्य ग्रामीण लोगों को बाजार जाने के लिए घसिसटे हुए प्रेरित कर रहा है।
ऑनलाइन शॉपिंग एक लोकप्रिय शब्दावली बन गई है। दैनिक उपभोग्य सामग्रियों की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार निकायों में भटभटनी, सेंट्रल मॉल और आर.के. जैसे शॉपिंग मॉल को दिखाकर अपने शहर के मानकों को बढ़ाने जैसा है। हालांकि, उन्हें एहसास नहीं है कि अधिकांश निवासी जो नगरपालिका की सामाजिक संख्या में नहीं हैं, वे ऑनलाइन शॉपिंग का लाभ नहीं उठा सकते हैं। फिर, होम-डिलीवरी आधारित सेवाओं के लिए न्यूनतम २००० रुपये की खरीद करने की बाध्यता का थपेड़ा भी है। यह भी समझने का बिषय है की ‘क्वीकरफुड’ के ऐप का उपयोग करके खाना मांगने की सुबिधा बिराटनगर में नहीं है।
दैनिक खाद्य आपूर्ति अब मुख्य समस्या है। संघीय सरकार का ध्यान काठमांडू की ओर है। इस बारे में बाद में चर्चा की जाएगी, लेकिन महानगरपालिका अपने विशाल संसाधनों से श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के लिए राहत के रूप में खाने का कार्यक्रम संचालित कर सकता है। यह एक महान कार्य माना जाएगा।
यदि शिघ्रातिशिघ्र इस पक्ष में विचार नहीं किया गया, टोल में समुचित आपूर्ति व्यवस्था के संरचनागत निर्माण और कल्याणकारी राहत का पैकेज नहीं लाया गया तो दिन-प्रतिदिन अवज्ञा का मात्रा बढ़ते जाएगा और सारा प्रयास बर्बाद हो जाएगा। सरकार की ओर से लाठी के इस्तेमाल से अचानक समस्या पैदा होगी। अभी मैं यही होने के कारण अपने अनुभव केवल चर्चा, विचार और ध्यान के लिए लिख रहा हूं।