चारों ओर आलोचना होने के बाद प्रधानमन्त्री कार्यालय का फेशबुक पेज डिलिट
काठमांडू, १० अप्रिल । प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय का फेशबुक पेज डिलिट हो गया है । कार्यालय की ओर से ही इसको डिलिट कर दिया गया है । दो दिनों के लिए यातायात सेवा संचालन संबंधी समाचार की वास्तविकता बाहर आने के कारण सरकार की चारों ओर आलोचना हो रही थी, ऐसी ही पृष्ठभूमि में उक्त समाचार स्रोत को ही प्रधानमन्त्री कार्यालय ने डिलिट किया है ।
स्मरणीय है, प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय ने कल (बिहिबार) अपने फेशबुक पेज में एक सूचना प्रकाशित करते हुए कहा था शुक्रबार और शनिबार दो दिनों के लिए काठमांडू में फसे लोगों को अपने घर जाने के लिए यातायात सेवा संचालन में लाया जा रहा है । उसी सूचना के आधार पर कई संचार माध्यमों ने समाचार बनाया । समाचार सार्वजनिक होते ही हजारों लोग घर जाने के खतिर टिकट के लिए बस काउन्टर की ओर जाने लगे । इसीबीच कुछ मन्त्रियों ने कई संचार माध्यमों में स्पष्ट रुप में कहा कि काठमांडू से बाहर जाने के लिए दो दिनों के लिए यातायात संचालन हो रहा है ।
लेकिन दो घंटा भी नहीं हुई थी, उक्त सूचना में एक और अपटेड आया और कहा गया कि सरकारी निर्णय को वापस किया गया है, कोई भी काठमांडू से बाहर नहीं जा पाएंगे । उसके बाद उपप्रधानमन्त्री तथा रक्षा मन्त्री लगायत कई जिम्मेवार अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने ऐसा कोई भी निर्णय नहीं किया है कि काठमांडू से बाहर जाने के खातिर दो दिनों के लिए यातायात संचालन किया जाएगा । और यह भी कहा गया मीडियावाले लोग झूटा समाचार दे रहे हैं । उसके बाद संचार माध्यमों में वह स्क्रिनसॉट आने लगा, जो प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय की आधारिक पेज पर लिखा गया था । जहां स्पष्ट रुप में दो दिनों के लिए यातायात सेवा संचालन करने की जानकारी है और बाद में अपडेट लिखकर उक्त निर्णय रद्द होने की सूचना दी गई थी । हर व्यक्ति उक्त पेज में जा कर सूचना देख सकता था ।
जब प्रधानमन्त्री कार्यालय द्वारा जारी उक्त सूचना को स्क्रिनसॉट कर संचार माध्यमों ने अपनी समाचारों को पुष्टि की तो सरकार विरुद्ध आवाज उठने लगा । चारो ओर सरकारी निर्णय के संबंध में आलोचना होने लगी । तब जाकर कार्यालय ने उक्त पेज को ही डिलिट कर दिया है, अब उक्त सूचना प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय में नहीं दिख सकते हैं ।

