हिमालय हमारे पिता और कन्याकुमारी हमारी मां है
डा. मुर ली मनोहर जोशी:काठमांडू । हमारे दक्षिणी पडसी देश भारत ६४वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर काठमांडू के सोल्टी होटल के सभागार में नेपाल-भारत मैत्री समाज द्वारा आयोजित समारोह में विशिष्ट अतिथि भारतीय जनता पार्टर्ीीे वरिष्ठ नेता एवं पर्ूवमन्त्री डा. मुरली मनोहर जोशी ने हिमालय को पिता और कन्या कुमारी को माता बताते हुए कहा- दोनों देश के बीच प्रगाढÞ आत्मीय सम्बन्ध प्राचीन काल से फलफूल रही है । दोनो एक दूसरे के बिना अधूरे हैं । नेपाल में भी गणतन्त्र स्थापित हो और फलेफुले ऐसी कामना करते हुए डा. जोशी ने नेपाल के निरन्तर विकास के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की ।
आयोजक नेपाल-भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी, पर्ूवप्रधानमन्त्री द्वय लोकेन्द्रबहादुर चन्द और र्सर्ूयबहादुर थापा ने अपने-अपने भाषण में दोनों देशों का सम्बन्ध प्राचीन और आत्मीय बताया । र्सर्ूयबहादुर थापा ने कहा- दुनियाँ में अन्य देशों के आपसी सम्बन्ध पहले राजनीतिक स्तर पर कायम होते हैं फिर बाद में जनस्तर में । लेकिन नेपाल-भारत सम्बन्ध पहले जनस्तर से शुरु हुआ फिर वाद में राजनैतिक स्तर मे विकसित हुआ ।
प्रमुख अतिथि नेपाल के उपराष्ट्रपति परमानन्द झा ने देश की वर्तमान राजनीतिक अवस्था पर प्रकाश डÞालते हुए कहा- नेपाल में भी गणतन्त्त सफल हो सकता है । समारोह को सम्बोधित करते हुए भारतीय राजदूत जयन्त प्रसाद ने कहा कि नेपाल को भारत द्वारा सदैव सहयोग प्राप्त होता रहा है और भविष्य में भी होता रहेगा । नेपाल जल्द से जल्द अपना नयाँ संविधान बनाने में सफल हो, यह मेरी शुभकामना है । नेपाल-भारत मैत्री समाज के सदस्य राजेन्द्र श्रेष्ठ ने सहभागी सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया ।
उसी तरह नेपाल के पर्ूवाञ्चल स्थित उदयपुर में भी नेपाल-भारत मैत्री संघ द्वारा ६४वाँ गणतन्त्र दिवस मनाया गया । संघ की अध्यक्ष करुणा झा के आयोजित कार्यक्रम में उदयपुर जिला अस्पताल के रोगियों को फलफूल वितरण किया गया । कार्यक्र में पत्रकार, बुद्धिजीवि, समाजसेवी आदि की सक्रियता थी ।

