यह धरा तेरी अम्बर तेरा अटल रह लक्ष्य पर : मिथिलेश कुमार झा
हे इंसान कर्म कर
हे इन्सान कर्म कर
सिर्फ कर्म कर
न आश कर
न उपहास कर
जिम्मेदार बन
सिर्फ कर्म कर
तू मत डर
विपत्ति की ओर मुख कर
पा जीत
लड कर
समस्या का काम
है आना
मनुष्य तू
मत घबराना
जीत होगी तेरी
करते रह रगरी
रूक मत
थक मत
चल कर
पग पर
यह धरा तेरी
अम्वर तेरा
अटल रह
लक्ष्य पर
दिखा दे तू
क्षितिज के
पार जा कर
मानव हो
मानवता अपनाकर



