जिन्दा व्यक्ति को ईट्टा–भट्टा में ड़ाल कर मारनेवाले साह को पुलिस ने किया गिरफ्तार
रौतहट, ७ जून । वि.सं. २०६४ साल चैत्र २८ में सम्पन्न प्रथम संविधान चुनाव की पूर्वसंन्ध्या में नेपाली कांग्रेस के नेता अफताब आलम के निर्देशन हुए हत्याकाण्ड (चैत्र २७ गते) में संलग्न व्यक्तियों में से एक को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है । प्रदेश नं. २ पुलिस स्रोत के अनुसार बारा जिला सिम्रौनगढ नगरपालिका–५ निवासी ५५ वर्षीय मुक्ति साह को पुलिस ने शनिबार भारतीय सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है । जनकपुरधाम से परिचालित पुलिस ने साह को सिम्रौनगढ नगरपालिका–८ से गिरफ्तार किया है ।
गिरफ्तारी में पड़नेवाले साह वही व्यक्ति हैं, जो उस समय (वि.सं. २०६४) में रौतहट राजापुर में रहे राजा इट्टा–भट्टा में काम करते थे । कहा जाता है कि तत्कालीन नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार अफताब आलम के निर्देशन में ही उन्होंने वाम बिस्फोट में घायल लोगों को साह ने जिन्दा ही इट्टा–भट्टा में ड़ाल कर जला दिया था । प्रदेश नं. २ के पुलिस प्रमुख डीआईजी धीरजप्रताप सिंह के अनुसार उन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया है । पुलिस अधिकार सिंह के अनुसार साह ने कहा है कि नेता अफताब के निर्देशन में ही उन्होंने बम विस्फोट में मारे गए २–३ व्यक्ति का शव और घायल १६ व्यक्ति को आग (इट्टा–भट्टा) में डाल दिया था ।
पुलिस अनुसंधान से पता चला है कि वि.सं. २०६४ साल चैत्र २७ गते रौतहट जिला राजापुर में हुए वम विस्फोट में २ या ३ व्यक्तियों की मौत हुई थी और १५–१६ व्यक्ति घायल हो गए थे । उक्त बमकाण्ड के प्रमुख अभियुक्त कांग्रेस नेता अफताब आलम अभी पुर्पक्ष के लिए जेल में हैं ।

