नेपाल–भारत संबंध में भारत की ओर से गम्भीर गल्तीः करण सिंह
काठमांडू, १६ जून । भारत के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ एवं नेपाल मामिला के जानकार करण सिंह ने कहा है कि नेपाल–भारत संबंध में पिछली बार भारत ने गम्भीर कुटनीतिक गलती की है । सोमबार एक विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने ऐसा दावा किया । उनका मानना है कि भारत की ओर से कुटनीतिक कमजोरी होने कारण ही आज नेपाल–भारत संबंध गम्भीर परिस्थिति में है ।
नेता सिंह को मानना है कि नेपाल–भारत सीमा विवाद के संबंध में नेपाल की ओर से विदेश सचिव स्तरीय वार्ता का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन उसको भारत ने अनदेखा किया । उन्होंने कहा है– ‘अगर आवश्यक रहा तो परराष्ट्रमन्त्री स्तरीय और प्रधानमन्त्री स्तरीय वार्ता भी होना चाहिए । लेकिन भारत ने वार्ता के प्रति अनदेखा किया ।’ उनका कहना है कि कारण भारत की यही गलती के कारण आज नेपाल, भारत से गम्भीर असंतुष्टी जाहिर कर रहा है ।
इसीतरह नेता सिंह ने नेपाल के प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली प्रति भी अपना असंतुष्टी जाहिर किया है । प्रधानमन्त्री ओली की क्रियाकलाप भी द्वन्द्व को बढ़त्तरी करती है । उनका कहना है कि नेपाल–भारत बीच सिर्फ राजनीतिक संबंध ही नहीं है, गहरा सामाजिक, सांस्कृतिक, परम्परागत, आर्थिक संबंध भी है, जिसको मजबूत बनाने के बजाय प्रधानमन्त्री ओली दीर्घकाली द्वन्द्व सिर्जना कर रहे हैं । इसके प्रति उन्होंने दुख व्यक्त किया है ।
यह है नेता करण सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति


