गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प चीन ने किया समझौते का उल्लंघन : यूरोपीय थिंक-टैंक
यूरोप के थिंक-टैंक ने कहा है कि भारत-चीन सीमा विवाद के बीच गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प चीन की सोची समझी साजिश थी। चीन ने जानबूझकर और पूरी योजना बनाकर भारतीय सैनिकों पर हमले को अंजाम दिया था। यूरोपीय थिंक-टैंक ने यह भी कहा है कि यह हमला करके चीन ने साफतौर पर दशकों पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया है।
दरअसल, यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (एएफएसएएस) का कहना है कि गलवां घाटी में बीती 15 जून को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनने भारतीय जवानों पर सोच समझकर और योजना के तहत हमला किया था। एएफएसएएस का मानना है कि यह हमला हाल के महीनों में पड़ोसी देशों पर चीन की बढ़ती आक्रामकता को दिखाता है। इस हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान की मौत हो गई थी।
थिंक-टैंक एएफएसएएस का कहना है कि करीब 45 साल के बाद एलएसी पर ऐसी घटना हुई है। चीन की ओर से किए गए इस हमले ने हाल के वर्षों में भारत समेत उसके पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौती पैदा कर दी है। चीन का आक्रामक रवैया भविष्य में और तनावपूर्ण संबंधों की ओर संकेत कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का हमला दोनों देशों के लिए 21वीं सदी में कई बदलाव लेकर आएगा। इससे दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बनेगा, जिससे नए विवाद भी जन्म ले सकते हैं। थिंक-टैंक का कहना है कि चीन की हठधर्मिता और सीमा विस्तार नीति इस हमले के पीछे की वजह है।चाहे वह दक्षिण चीन सागर हो, ताइवान हो या हांगकांग हो, हर जगह चीन अपने पांव पसारने में लगा हुआ है। दक्षिण चीन सागर में मलेशियाई और वियतनामी जहाजों को रोकना, हांगकांग में नई ताकतें जमाना, प्रदर्शनकारियों का दमन करना। यही नहीं चीन दो बार संवेदनशील वियतनाम की खाड़ी में एयरक्राफ्ट करियर के जरिए अपने मंसूबों को जाहिर कर चुका है।

