मुख्यमन्त्री पोखरेल अध्यक्ष प्रचण्ड के प्रति आक्रोशित, पूछा– दो बार प्रधानमन्त्री हो गए, लिपुलेक विवाद क्यों पता नहीं चला ?

काठमांडू, २५ जुलाई । सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के भीतर सरकार द्वारा जारी नेपाल का नयां नक्सा संबंधी विषयों को लेकर आरोप–प्रत्यारोप शुरु होने लगा है । नेकपा नेता तथा प्रदेश नं. ५ के मुख्यमन्त्री शंखर पोखरेल ने पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड प्रति आक्रोशपूर्ण अभिव्यक्ति सार्वजनिक किया है ।
प्रचण्ड ने शुक्रबार आयोजित एक कार्यक्रम के बीच कहा था कि नयां नक्सा प्रकाशित करने का निर्णय नेकपा पार्टी नेतृत्व ने किया है, इसमें प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को देवत्वकरण करने की जरुरत नहीं है । उन्होंने यह भी कहा था कि जब कार्यकारी अधिकार सहित उनको अध्यक्ष का हैसियत मिला, तब पुस में आयोजित केन्द्रीय कमिटी और सचिवालय बैठक ने अतिक्रमित नेपाली भूमि को समेटकर नयां नक्सा जारी करने के लिए सरकार को दबाव दिया है ।
अध्यक्ष प्रचण्ड द्वारा व्यक्त उल्लेखित कथन के प्रति असंतुष्टी जाहिर करते हुए मुख्यमन्त्री पोखरेल ने कहा है कि वह (प्रचण्ड) खूद दो–दो बार प्रधानमन्त्री बन गए थे, लेकिन उस समय उनको नक्सा संबंधी कोई भी जानकारी नहीं थी । मुख्यमन्त्री पोखरेल ने अपने सामाजिक संजाल से प्रचण्ड से प्रश्न किया है– ‘कालापानी क्षेत्र की सीमा विवाद पुरानी है । खूद प्रधानमन्त्री रहते वक्त नक्सा के संबंध में कुछ भी जानकारी ना रखनेवाले व्यक्ति आज आकर कहते हैं कि यह काम उन्होंने (प्रधानमन्त्री ओली) नहीं, मैंने (प्रचण्ड) किया है, आप यह कैसे कह रहे हैं ?’
मुख्यमन्त्री पोखरेल को मानना है कि ऐसा झूट कहने से पहले उनको शरम क्यों नहीं आया ?

