रक्षा की सौगंध लेता भ्राता, भाई बहन सा, न दूजा नाता : उषा चैनवाला
*रक्षाबन्धन*
राखी तो अद्भुत पावन त्यौहार
भाई के लिये करे दुआ बहन,
भाई भी रक्षा का देवे वचन ,
बहन भाई का अनुपम बंधन ।
रंग विरंगे ये रेशमी तार,
झलकाते भाई बहन का प्यार।
राखी तो अद्भुत पावन त्यौहार ।
तिलक लगाती घोलकर रोली,
हाथ पर बाँधे प्यार की मोली ।
सुख सुस्वास्थ्य से भरती झोली ,
है होती गद्गद, आरती उतार ।
मुख में मिठाई, फूलों का हार,
राखी तो अद्भुत पावन त्यौहार ।
रक्षा की सौगंध लेता भ्राता,
भाई बहन सा, न दूजा नाता ।
सर्वोत्तम रिश्ता, कहें विधाता,
इसकी गर्माहट से कर सिंगार ।
हैं सब कुछ वारने को तैयार ,
रक्षा बंधन मनभावन त्यौहार ।

काठमांडू
नेपाल


