पृथ्वीसिंह’ नित वृक्ष दें काम। डॉ कृष्णा आर्य नवण प्रणाम
*डॉ. कृष्णा के कार्य महान*
आज विश्व वृक्ष दिवस पर।
कर्म कृष्णा आर्या का सुपर।।
मुख्याध्यापिका निगरानी है।
देखरेख, मार्गदर्शन मानी है।।
ये पौधारोपण सिलसिला है।
हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिला है।।
राजकीय उच्च विद्यालय है।
गाँव रामबास का आलय है।।
प्रकृति संरक्षण कार्यक्रम का।
बहुत शानदार आयोजन था।।
मिल विद्यालय महकाया है।
पौधा 111 का रूपवाया है।।
विद्यालय के पूर्ण परिसर में।
सामुदायिक स्थानों क्षेत्र में।।
पौधारोपण जहाँ करवाया है।
स्कूली बच्चा संग लगाया है।।
मुख्यध्यापिका डॉ कृष्णा आर्या।
कर रही संस्कारी सुंदर कार्य।।
सब लोगों को दिया आमंत्रण।
बच्चा नै करे पौधा वितरण।।
पौधारोपण की विधि बताई।
पालन पोषण शपथ दिलाई।।
कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ था।
छात्र, ग्रामीण जन साथ था।।
उपस्थितजन को संबोधन था।
श्रीमती आर्या का उद्बोधन था।।
पेड़ हमें प्राकृतिक उपहार हैं।
ये धरा पे खूबसूरत बहार है।।
हम पेड़े के बहुत दिवाने हैं।
ये आक्सीजन कारखाने हैं।।
छाया फूल और फल देते हैं।
तापमान बढ़ने से रोकते हैं।।
वृक्ष संतुलन बनाये रखते हैं।
घातक सूर्य किरणें घटाते हैं।।
हम करें वृक्षों की देखभाल।
पालन पोषण और सम्भाल।।
वृक्ष जीवन भर देते साथ है।
प्राणियों पर पेड़ों आशीर्वाद।।
म्हारी लोकसंस्कृति कहती है।
पेड़ों को देव का दर्जा देती है।।
पीपल नीम जाल व खेजड़ी।
आम आंवलें करेले तुलसी खड़ी।।
देवों सम पेड़ों की पूजा होती।
पर्व पेड़ साज-सज्जा होती।।
हजारों पशु-पक्षी सहारा है।
महीन जीवों का आसरा है।।
स्वयं कृष्णा आर्य प्रकृति वेश।
वृक्ष संरक्षण का देती संदेश।।
पूर्वजों ने लगाये हमारे लिये।
हम रोपें आगे पीढ़ी के लिये.।
आओ पूर्वज ऋण उतारें हम।
अब पौधा रोपण प्रचारे हम।।
व्यक्ति पौधारोपण जरूर करें।
पौधे लगाएं धरा से ताप हरें।।
डॉ. कृष्णा आर्य कार्य महान।
पेड़ है धरती के स्वाभिमान।।
धरा की शोभा व सुंदरता है।
पेड़ तो प्रदूषण को हरता है।।
औषधि, लकडी आये काम।
पेड़़ों के परोपकार है महान।।
‘पृथ्वीसिंह’ नित वृक्ष दें काम।
डॉ कृष्णा आर्य नवण प्रणाम।।

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कवि पृथ्वीसिंह बैनीवाल बिश्नोई,
#313/14 (श्री ओ३म विष्णु निवास)
हिसार (हरियाणा) 125001
9518139200,9467694029

