जनतान्त्रिक तराई मुक्ति मोर्चा संगठन विस्तार
जनतान्त्रिक तराई मुक्ति मोर्चा संगठन विस्तार करनेके क्रम मे अब स्थानीय तह तक पहुँच्ने की योजना मे दिखरहा है । २०७२ कि संविधान खारेजी, राज-संस्था पुनःस्थापना और वैदिक सनातन हिन्दु-राष्ट्र स्थापना, बैज्ञानिक आत्मनिर्णय कि अधिकार सहितका संघीय शासन ब्यवस्था लगायतका विभिन्न माग रख चरणबद्ध आन्दोलन करते आरहे उक्त मोर्चा के ही नेतृत्व मे विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन आबद्ध होकर राष्ट्रिय जनतान्त्रिक गठबन्धन निर्माण कियागया है और उक्त गठबन्धन ने “राष्ट्र बचाउ अभियान” नाम की राष्ट्रब्यापी अभियान भी संचालन कर रखी है ।
आज मोर्चाका केन्द्रिय सदस्य दिपक कुमार सिंह ने एक प्रेस बिज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि मोर्चा की महान उद्देश्यपुर्ती एवं जन-विद्रोह की तैयारी स्वरुप जन-सम्पर्कको निरन्तरता देने के लिए देशैभरका स्थानीय तहओं मे मोर्चा एवं मोर्चाका बर्गीय, जातीय, पेशागत लगायतका संगठनओंको विस्तार, पुर्नगठन, समायोजन कि नियमित प्रक्रियाको निरन्तरता के हि क्रममे धनुषा जिल्ला कि लक्ष्मीनीयाँ गाउँपालिका में दिनांक २०७७/०६/०७ गते बुधबारका दिन लक्ष्मीनीयाँ बजार मे व्यापक जनसहभागिताके बिच जनतान्त्रिक तराई मुक्ति मोर्चाका भातृ-संगठन “जनतान्त्रिक युवा संघ” कि गाउँपालिका कमिटी निर्माण कियागया है । १२ सदस्य उक्त कमिटी कि अध्यक्ष मे “सब-ईन्जिनियर अर्थराज साह” को सर्वसहमतिसे चयन करने कए साथसाथ उक्त कमिटी के सदस्यओं मे क्रमशः श्याम राउत, भरत राउत, सुदिप साह, सुजित यादव, उदय ठाकुर, विजय शर्मा, उदितनारायण यादव, सियाराम यादव, अरुण यादव र लालबाबु साह को चयन कियागया है ।
साथ हि बिज्ञप्ति मे कहा गया है कि, देश मे विध्यमान/ब्याप्त भ्रष्टाचार, लुट-खसोट, अनियमितता, अराजकता, राज्य प्रायोजित एवं नियोजित आतंक, निरन्तर बढरहे वैदेशिक हस्तक्षेप और हमारी धर्म, संस्कृति, परम्परा, इतिहास, मौलिकता, राष्ट्रिय एकता, राष्ट्रिय पहिचान, राष्ट्रिय स्वाधीनता, स्वतन्त्रता और सनातन वैदिक दर्शन उपर के अनैतिक प्रहार, दमन, आक्रमण एवं देश-बेचुवा राष्ट्रघाती तथा जनघाती गतिविधियों कि विरुद्ध हम निरन्तर संघर्षरत रहेको तथ्य सर्व-विदित हि है। अत: यिस विषम परिस्थिति एवं इतिहास कि जटिल दुर्घटनाग्रस्त मोड पर रहे हम नेपाली और हमारी मातृभूमि नेपालको सुरक्षीत अवतरण करानेकी जिम्मेवारी हम सम्पूर्ण देश-भक्त आम नेपालीयों कि काँधओं पर आगया है । यिस महान युगान्तकारी कर्तव्य एवं जिम्मेवारीको दृढतापुर्वक निर्वाह करने के लिए हम एकजुट होकर “मुक्ति पथ” पर निरन्तर आगे बढ्ना हि होगा, “मानवतावाद पर आधारित पूर्ण समतामूलक देश और समाज निर्माण, पूर्ण समानुपातिक प्रतिनिधित्व कि सुनिश्चितता, आत्मनिर्णयका अधिकार सहितकि बैज्ञानिक संघीय संरचना सहित जनतान्त्रिक शासन ब्यवस्था” स्थापना करना हि होगा, दुसरा कोई विकल्प नही है ।



