तीन दिवसीय जनकपुर साहित्य महोत्सव जनकपुरधाम में शुरू

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । तीन दिवसीय जनकपुर साहित्य महोत्सव जनकपुरधाम के महेंद्र नारायण निधि सभाकक्ष 15मई से शुरू हुआ है।इस जनकपुर साहित्य महोत्सव का उद्घाटन मधेश प्रदेश के गवर्नर डॉ.सुरेन्द्र लाभ ने किया। प्रमुख अतिथि पद से वोलते हुए गवर्नर डॉ.सुरेन्द्र लाभ ने कहा कि जनकपुरधाम रामायण काल से साहित्य कला का केंद्र रहा है। राजा जनक के दरवार में दुनिया भर के विद्वान शास्त्रार्थ करते थे।इस में कोई भेदभाव नहीं किया जाता था। आठो अंग से विकृत बालक अष्टावक्र शास्त्रार्थ में बड़े बड़े विद्वान को पराजित किया था। इसी तरह कला,गायन क्षेत्र में भी प्राचीन मिथिला का स्थान सर्वोपरि था। जनकपुर साहित्य महोत्सव विलुप्त साहित्य,कला, संस्कृति को उजागर करने का प्रयास कर रहा है, जिसमें सांसद मनीष कुमार झा उल्लेखनीय योगदान है।
विशिष्ट अतिथि पद से वोलते हुए भारतीय वाणिज्य महादूतावास वीरगंज के बाणिज्य महादूत श्री देवी सहाय मीणा ने कहा कि जिस देश का साहित्य,कला, संस्कृति जितना सबल रहता है।वह राष्ट्र उतना उन्नति करता है। भारत तथा नेपाल के बीच रामायण काल से ही रोटी बेटी का संबंध है। भारत नेपाल को सभी क्षेत्रों में सहयोग कर रही है।
नेपाल के ख्याति प्राप्त उद्योगपति डॉ.उपेन्द्र महतो ने कहा कि विकसित राष्ट्रों में मनुष्य रोवोट बना हुआ है।उसे सिर्फ मुद्रा अर्जन करना ही लक्ष्य है। किसी से बात करने का समय नहीं रहता है। नेपाल भले ही विकसित राष्ट्र नहीं है लेकिन यहां नेपाल में शांति है। लोगों में आत्मीयता है।हम संकल्प ले कि नेपाल को विकसित राष्ट्र बनावें।
मिथिला फाउंडेशन द्वारा सप्तम संस्करण जनकपुर साहित्य महोत्सव उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता अमित साह ने किया।इस अवसर पर अमित झा पुरस्कार साहित्यकार तथा पत्रकार अशोक दत्त को एक लाख पांच हजार नगद पुरस्कार तथा प्रस्तति पत्र से सम्मानित किया।इस तरह वक्तृत्व कला में भी उत्कृष्ट छात्रों को मेडल तथा प्रस्तति पत्र से सम्मानित किया गया। उद्घाटन समारोह में स्थानीय सांसद तथा राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रवक्ता मनीष कुमार झा, जनकपुरधाम उप महानगरपालिका के मेयर मनोज कुमार साह,प्रा.परमेश्वर कापड़ि, मिथिला विकास कोष के अध्यक्ष जीव नाथ चौधरी , साहित्यकार धीरेन्द्र प्रेमर्षि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।


