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सञ्चारकर्मी तथा शतक रक्तदाता पवन जायसवाल ने १०८ वीं बार किया रक्तदान 

 

नेपालगन्ज/(बाँके) । अष्टम एकीकरण दिवस के अवसर पर अष्टम साना किसान कृषि सहकारी संस्था लिमिटेड सेवा केन्द्र बैजनाथ गाँवपालिका वार्ड नं.–६ बनकटवा, सम्झना चौक के आयोजन में बैशाख २९ गते मंगलवार को शतक रक्तदाता पवन जायसवाल ने १०८ वीं बार रक्तदान किया है ।

नेपालगंज उप–महानगरपालिका वार्ड नं. १९, सुर्जीगांव निवासी पवन जायसवाल ने १०८वीं बार रक्तदान किया । जायसवाल शतक रक्तदाता होने के साथ–साथ नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज बाँके जिला कार्य समिति के सलाहकार भी हैं । इसके अलावा, वे हिमालिनी ऑनलाइन, दैनिक नेपालगंज, जनमत अर्ध साप्ताहिक, नयाँ नेपाल अवधी पृष्ठ आदि में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं ।

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पवन जायसवाल ने यह १०८वीं बार रक्तदान २०८३ साल बैशाख २९गते, मंगलवार (१२ मई २०२६) के दिन अष्टम एकीकरण दिवस के अवसर पर अष्टम साना किसान कृषि सहकारी संस्था लिमिटेड सेवा केन्द्र बैजनाथ गाँवपालिका वार्ड नं.–६ बनकटवा, सम्झना चौक के प्रांगण में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में रक्तदान किया । रक्तदान की शुरुआत और योगदान पवन जायसवाल ने पहली बार २०४६ साल असोज ४ गते (२० सितंबर १९८९) को रक्तदान किया था । तब से लेकर अब तक (१२मर्ई २०२६) उन्होंने १०८ वीं बार रक्तदान किया है । बाँके और बर्दिया जिला में विभिन्न संघ–संस्थाओंद्वारा आयोजित रक्तदान कार्यक्रमों में वे सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं । और बाँके जिले के नेपालगंज में रहनेवाले आमेन्द्र जायसवाल जो उनके मामा पडते है उन्हों ने रक्तदान करने की हौषला दिया था ।

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इसी तरह नेपालगन्ज से प्रकासित जनमत अर्ध साप्ताहिक पत्रिका के संम्पादक पूर्णलाल चुके जी के मार्गदर्शन में बि.सं.२०६३ साल से “रक्तदान जीवनदान” के उद्देश्य से नियमित त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम का आयोजन होते आ रहा है । पवन जायसवाल इस रक्तदान कार्यक्रम के संयोजक भी रहे हैं ।

पवन जायसवाल ने रक्तदान करने के लिये संदेश भी देत आ रहे हैं । उन्हों ने सभी से अनुरोध किया है कि १८ वर्ष की आयु पूरी करने के बाद हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए । क्यों कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है और दूसरों की जान बचाने में भी मदद करता है । उन्होंने इसे प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य बताया कि वे जरूरतमंद लोगों की सहायता करें ।

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