मन्त्रिपरिषद् पुनर्गठन को लेकर ओली–प्रचण्ड बीच विवाद कायम, मन्त्रालय विभाजन करने की तैयारी
काठमांडू, २८ सितम्बर । मन्त्रिपरिषद् पुनर्गठन संबंधी विषयों को लेकर बिगत कुछ दिनों से सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के दो अध्यक्ष केपीशर्मा ओली और पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड बीच आपसी विचार–जारी है । लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पा रही है । विशेषतः पार्टी के भीतर रहे विभिन्न गूट और उस गुट से प्रतिनिधित्व करते हुए मन्त्री बनन के लिए आकांक्षा रखनेवालों की संख्या अधिक होने से प्रधानमन्त्री भी रहे ओली और अध्यक्ष प्रचण्ड तनाब में हैं ।
कहा गया है कि शक्तिशाली मन्त्रालय किस गुट को प्रदान किया जाए ? इस विषयों को लेकर भी दो नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पा रही है । इतना ही नहीं, बहुसंख्य मन्त्रियों को परिवर्तन करना है या २–४ मन्त्रियो को हटाकर नयां को जिम्मेदारी देनी है ? इस विषयों को लेकर भी अंतिम सहमती नहीं हुई है ।
नेकपा निकट स्रोत का मानना है कि प्रधानमन्त्री ओली सिर्फ २–४ मन्त्री ही परिवर्तन करना चाहते हैं । लेकिन पार्टी के दूसरे अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री प्रचण्ड बहुसंख्यक मन्त्रियों को हटाकर पुनर्गठन करना चाहते हैं । इसीतरह मन्त्री बनने के लिए लालायित दर्जन से अधिक नेताओं की मांग संबोधन और गूट व्यवस्थापन के लिए मन्त्रालय की विभाजन के संबंध में भी दो अध्यक्ष के बीच विमर्श जारी है ।
समाचार स्रोत के अनुसार वर्तमान भौतकि पूर्वाधार तथा यातायात, जलस्रोत तथा सिचाई और उद्योग, वाणिज्य और आपुर्ति मन्त्रालय विभाजन करने की तैयारी है । स्मरणीय है– आज के दिन २१ मन्त्रालय है, मन्त्रालय विभाजन कर २४ बनाने की तैयारी सरकार ने की है । लेकिन नेकपा के ही कुछ नेता इसके विरोध में दिखाई दे रहे हैं । संविधान अनुसार देश में २५ से अधिक मन्त्री नहीं बनाया जा सकता, विभिन्न अध्ययन प्रतिवेदन ने नेपाल में अधिक से अधिक १६ से १८ मन्त्रालय बनाने के लिए सुझाव पेश किया है ।

