विद्यालय की तरह मदर्सा को सुविधा के लिए ज्ञापन
रेयाज आलम, काठमांडू, २०७७ आसोज २१ गते बुधवार मदर्सा अर्गनाइजेशन ने सरकारी नीति अनुसार अन्य विद्यालय की तरह मदर्सा को सभी सुविधा नही मिलने के कारण मुस्लिम आयोग में ज्ञापनपत्र दिया। सरकार ने मदर्सा शिक्षा को मूलधार में लाने का घोषणा करके भी कार्यान्वयन नहीं किया इसलिए अर्गनाइजेशन ने ज्ञापनपत्र दिया।
मदर्सा शिक्षा को गतिशील और व्यवस्थित बनाने का माग करके मदर्शा अर्गनाइजेशन अफ नेपाल प्रदेश नम्बर-२ ने ११ बुँदे माग का ज्ञापनपत्र दिया। अर्गनाइजेशन प्रदेश २ के अध्यक्ष शशी कपुर मियाँ ने मुस्लिम आयोग के अध्यक्ष महम्मद समिम मियाँ अन्सारी को ज्ञापनपत्र दिया।
इसी तरह मदर्सा शिक्षा को शिक्षा के मूलधार में लाने के लिए शिक्षा ऐन और नियमावली में प्रष्ट व्यवस्था होना चाहिए तथा इस्लामी शिक्षा प्रदान करने के लिए उर्दु, अरबी के विषय में अन्य शिक्षक के तरह कार्य करने के लिए मौलाना को शैक्षिक प्रमाणपत्र के ‘समकक्षता’ संघीय सरकार द्वारा करने का माग किया।
मदर्सा शिक्षा के लिए उर्दु तथा अरबी भाषा का पाठ्यक्रम तैयार कर पाठ्यक्रम विकास समिति गठन करने तथा पाठ्यक्रम निर्माण करने का माग ज्ञापनपत्र में किया गया। मदर्सा के भौतिक संरचना निर्माण के लिए विशेष बजेट का व्यवस्था, मदर्सा को सामुदायिक विद्यालय की तरह सुविधा उपलब्ध कराने का माग किया गया।
ज्ञापनपत्र लेते हुए आयोग के अध्यक्ष महम्मद समिम मियाँ अन्सारी ने प्रतिवद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि जायज माग के कार्यान्वयन के लिए प्रयास करेंगे, ये मुस्लिम बालबालिका के भविष्य से जुड़ा है, इसे गम्भीरता के साथ लिया जाएगा।
ज्ञापनपत्र देने में मदर्सा अर्गनाइजेशन प्रदेश २ के अध्यक्ष शशी कपुर मियाँ के साथ सचिव इम्मामुद्दीन अहमद, सदस्य शेख समीर, जाकिर हुसैन, पर्सा उपाध्यक्ष जाबिर हुसैन, आमिर अहमद, ऐनुल अंसारी, एकमंजिर, अमीरुलाह, ऐनुल हक़ समेत की उपस्थिति रही।







