बुढिगण्डकी भ्रष्टाचार निष्पक्ष जांच के लिए डा. भट्टराई ने किया मांग, सहयोग के लिए प्रतिबद्ध

१२ अक्टूबर, काठमांडू । बुढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना में ९ अरब भ्रष्टाचार संबंधी प्रसंग में जनता समाजवादी पार्टी के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच का मांग किया है । भ्रष्टाचार में वर्तमान प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली और पूर्व प्रधानमन्त्री द्वय पुष्पकमल दाहाल और शेरबहादुर देउवा संलग्न होने का दावा स्वयम् डा. भट्टराई ने किाय है । डा. भट्टराई का आरोप खण्डन करते हुए आइतबार प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली काँग्रेस ने चुनौती दी थी कि भ्रष्टाचार का प्रमाण पेश करें ।
कांग्रेस की ओर से चेतावनी आने के तुरंत बाद ही सोमबार डा. भट्टराई ने उक्त भ्रष्टाचारकाण्ड छानबिन के लिए निष्पक्ष जांच–पडताल की मांग किया है । सामाजिक संजाल में लिखत हुए डा. भट्टराई ने कहा है कि सरकार ने कमिसनखोरों की संलग्नता में आयोजना विदेशी कम्पनी को बिना प्रतिस्पर्धा दिया है । उनका कहना है कि इस पर जांच आवश्यक है ।
स्मरणीय है, आइतबार काँग्रेस प्रवक्ता विश्वप्रकाश शर्मा ने एक विज्ञप्ति जारी कर प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दिया था । डा. भट्टराई ने ट्वीटर में लिखा है– ‘बुढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना में हुए भ्रष्टाचार जांच में सहयोग के लिए मैं भी प्रतिबद्ध हूं ।’ उन्होंने लिखा है– ‘मेरे प्रधानमन्त्री काल में नेपाल खुद से निर्माण करने की प्रक्रिया आगे बढी, राष्ट्रिय गौरव की बूढीगण्डकी परियोजना बाद में निर्मित सरकार ने कमिसनखोरों के संलग्नता में बदनाम विदेशी कम्पनी को दी, जो अभी तक अलपत्र बना है । इस विषय पर मैं उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच पडताद की मांग करता हूं और इसमें सहयोग के लिए मैं भी प्रतिबद्ध हूं ।’

