प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री त्काल परिवर्तन करने के लिए प्रदेश सांसदों का दबाव
जनकधपुरधाम, १६ अक्टूबर । प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत को तत्काल परिवर्तन करने के लिए प्रदेश सांसदों ने दबाव दिया है । जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव समक्ष प्रदेश सांसदों ने कहा है कि मुख्यमन्त्री तत्काल परिवर्तन होना चाहिए । बिहिबार आयोजित प्रदेश संसदीय दल के बैठक में बोलनेवाले १९ सांसदों ने भी कहा है कि प्रदेश सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं है, सरकार का नेतृत्व तत्काल परिवर्तन होना चाहिए ।
आलोचक संसदों को मानना है कि सरकार जनता प्रति उत्तरदायी नहीं है, स्वेच्छाधारी गतिविधि हो रही है और पदीय मर्यादा भी खयाल नहीं हो रहा है । असन्तुष्ट पक्ष का कहना है कि सरकार पूर्ण रुप में असफल हो चुकी है, इसीलिए मुख्यमन्त्री परिवर्तन ही समस्या का समाधान है । बिहिबार सम्पन्न संसदीय दल की बैठक में कूल २४ सांसदों ने अपना मन्तव्य दिया था, उसमें से १९ सांसदों ने मुख्यमन्त्री के विरुद्ध और ३ सांसदों ने मुख्यमन्त्री के पक्ष में मन्तव्य दिया है ।
इसीतरह बैठक में सामाजिक विकास मन्त्री नवलकिशोर साह और उद्योग, वन तथा पर्यटन तथा वातावरण मन्त्री रामनरेश राय की सबसे अधिक आलोचना हुई थी । आलोचकों का मानना है कि साह और राय की मन्त्रालय में मन्त्री से अधिक परिवारिक सदस्य हाबी हो रहे हैं ।
स्मरणीय है, यहां तत्कालीन समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता पार्टी के पृष्ठभूमि के सांसदों के बीच भी आपस में सुमधुर संबंध नहीं है । विशेषतः एकीकृत पार्टी में संसदीय दल के नेता छनौट संबंधी विषय को लेकर विवाद दिखाई दे रही है । एकीकृत पार्टी में संसदीय दल के नेता बनने के लिए लगभग एक दर्जन आकांक्षी है और वे लोग केन्द्रीय नेता से लॉबिग भी कर रहे हैं ।
विवाद के कारण पार्टी एकता की ६ महीना पूरा होने पर भी यहां अभी तक एकीकृत संसदीय दल नहीं बन पाया है । दो अलग–अलग पार्टी के रुप में ही यहां के सांसद् विभाजित होकर रहते हैं और अलग–अलग पार्टी के नाम से संसद् सचिवालय से सेवा–सुविधा लेते आ रहे हैं ।

