घोषित चुनाव विरुद्ध प्रचण्ड–माधव समूह निर्वाचन आयोग में, निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित करने के लिए आग्रह
काठमांडू, ११ दिसम्बर । सरकार द्वारा घोषित चुनाव के विरुद्ध सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के प्रचण्ड–माधव समूह सोमबार निर्वाचन आयोग पहुँच गए हैं । आयोग पहुँचकर आयोग पदाधिकारियों से उन लोगों ने निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित करने के लिए भी आग्रह किया है ।
प्रचण्ड–माधव समूह के अध्यक्ष द्वय पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड और माधव कुमार नेपाल के साथ नेता राजेन्द्र पाण्डे, लिलामणि पोखरेल, रामनारायण बिडारी, कृष्णभक्त पोखरेल जैसे नेता लिखित पत्र लेकर निर्वाचन आयोग पहुँच गए थे । लिखित पत्र में नेताओं ने आयोग से यह भी कहा है कि नेकपा की आधिकारिकता संबंधी विवाद को संविधान, कानून, ऐन और विधि के अनुसार निर्णय लिया जाए ।
नेताओं ने आयोग पदाधिकारी से आक्रोशित होकर यह भी पूछा है कि आयोग पदाधिकारी किस आधर पर प्रधानमन्त्री ओली को पार्टी अध्यक्ष की मान्यता देकर पत्र लिख रहे हैं ? प्राप्त प्राप्त सूचना अनुसार नेताओं आयोग पदाधिकारियों से पूछा है– ‘ओली समूह की ओर से जो पत्र आया है, उसको अध्ययन किए बिना ही पंजीकृत की गई है । पार्टी विधान बमोजित दो तिहाई बहुमत से केपीशर्मा ओली को पार्टी अध्यक्ष से हटा दिया गया है । इसकी जानकारी भी आयोग में हो चुकी है ? तब भी आप लोग ओली को अध्यक्ष सम्बोधन कर क्यों पत्र भेज रहे हैं ?’ नेताओं को कहना है कि जवाफ में आयोग पदधिकारी ने कहा कि आयोग नियम और कानून के साथ चलने के लिए तैयार है ।
स्मरणीय है, संसद् बिघटन होने के बाद दो समूह में विभाजित सत्ताधारी दल नेकपा के दोनों समूह आज खूद को आधिकारिक नेकपा बता रही है । उसमें से एक– प्रचण्ड–माधव समूह का कहना है कि बहुमत केन्द्रीय सदस्य द्वारा ओली समूह को पार्टी अध्यक्ष से हटा दिया गया है और नेकपा कि आधिरिक चुनाव चिन्ह सूर्य और पार्टी का नाम उन लोगों को ही मिलना चाहिए । दूसरे समूह अर्थात् प्रधानमन्त्री ओली समूह का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष, महासचिव और सचिव सम्मिलित पार्टी पदाधिकारियों ने केन्द्रीय कमिटी बिस्तार किया है, इसीलिए नेकपा की आधिकारिक समूह यही है ।

