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बिशन सागर

तुम्हारी यादों की शमा को अपने अश्कों से बुझा तो दिया है मैंने पर इसकी गीली राख दिल पर बोझ बन गई है इसकी सीलन ने कर दिया है मुझे और भी तन्हा उदास और जर्जर । पर तुम उदास मत होना हम फिर मिलेंगे किसी जन्म ओर लिखेंगे प्यार की नई इबादत ।

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