ओली में तानाशाही प्रवृत्ति हाबी, जो एमाले को तहस–नहस कर रहे हैंः नेपाल

काठमांडू, २५ मई । नेकपा एमाले के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधामन्त्री माधव कुमार नेपाल ने कहा है कि प्रधानमन्त्री भी रहे पार्टी अध्यक्ष केपीशर्मा ओली में तानाशाही चरित्र हाबी होती जा रही है । उन्होंने कहा कि एमाले संबंद्ध ११ नेताओं को पार्टी से निष्काशन करने का जो निर्णय हुआ है, उसी से यह स्पष्ट होता है । उन्होंने यह भी कहा है कि उनका यह कदम अर्थहीन भी है ।
आज मंगलबार सामाजिक संजाल मार्फत एक अपील जारी करते हुए नेता नेपाल ने कहा है कि अध्यक्ष ओली एमाले पार्टी को ही समाप्त कर रहे हैं । उन्होंने यह भी दावा किया है कि ओली का उद्देश्य और अभियान भी एमाले को समाप्त करना है । सार्वजनिक अपील में नेता नेपाल ने कहा है– ‘सर्वोच्च अदालत की फैसला अनुसार पार्टी वि.सं. २०७५ जेष्ठ २ की अवस्था में पहुँच गई थी, विधान अनुसार उसी समय के कमिटी, विधान और नेतृत्व होना चाहिए था, आम कार्यकर्ताओं की यही मांग थी, लेकिन ओली ने एकाधिकारवादी सोंच के साथ पार्टी संचालन किया ।’
नेता नेपाल ने आगे कहा है– ‘आम जनता में लोकप्रिय रहे नेकपा एमाले को समाप्त करने की अभियान यही से शुरु हुआ है, जो कथित कारवाही और निष्काशन में पहुँच कर पूरा हो गया ।’ उनका कहना है कि नेपाल की कम्युनिष्ट आन्दोलन में राष्ट्रघाती और प्रतिगमनकारी काम करनेवाले और कम्युनिष्ट आन्दोलन को बिसर्जन करनेवाले पात्र ओली ही हैं । नेता नेपाल ने यह भी दावा किया है कि विभिन्न षडयन्त्रकारियों की योजना अनुसार ओली ने एमाले को विभाजन किया है । उन्होंने कहा है– ‘व्यक्तिवादी सोच और स्वार्थ पूरा करने के लिए सरकार का दुरुपयोग किया गया, एमाले संगठन को निस्तेज बनाया गया । जब इसके विरुद्ध आवाज उठने लगी तो ओली की ओर से प्रहार की गई । आज ओली गुट की ओर से हो रहे कथित कारवाही और निष्काशन उसी का प्रतिरुप है ।’
नेता नेपाल ने अपने बारे में दावा किया है कि उन्होंने व्यक्तिगत और सामूहिक रुप में पार्टी को दुर्घटना से बचाने के लिए काम किया है । स्मरणीय है, सोमबार एमाले अध्यक्ष ओली ने स्थायी कमिटी बैठक से माधवकुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, भीम रावल के साथ–साथ अन्य ८ नेताओं को पार्टी से निष्काशन किया था । उसी के प्रतिक्रिया स्वरुप नेता नेपाल ने आज एक अपील जारी करते हुए ऐसा कहा है ।

