भ्वाइसेस के दुसरा संस्करण: नारायण वागले के साथ कुंदा दीक्षित
शुक्रवार, 19 जुलाई, 2013,काठमांडू । बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन तथा काठमाणडू मे भारत के दूतावास व्दारा भ्वाइसेस के दुसरा संस्करण का भव्य आयोजन किया गया । भ्वाइसेस ने अपने दूसरे संस्करण में नेपाल के दो प्रख्यात मीडिया हस्तियों और लेखकों कुंदा दीक्षित और नारायण वागले को एक साथ प्रस्तुत किया ।
कुंदा दीक्षित भ्वाइसेस का शुरुआत करते हुये पंचायत के शासन के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना कैरियर शुरू करने की बात बताया तता उन्होने कहा कि उस समय नेपाल में व्यंग्यात्मक पत्रकारिता करके अपना विचार व्यक्त करते थे ।
“पंचायत काल के दौरान पत्रकारों को खुले तौर पर अपने विचार व्यक्त करने की छुट नही थी इसलिए व्यंग्यात्मक ढंग से पैरोडी बनाकर लोग अपनी भावना व्यक्त किया करते थे “दीक्षित ने अतीत को संस्मरण करते हुये कहा ।
दीक्षित और वागले दोनों ने बदलते समय मे मीडिया प्रथाओं और डिजिटल मीडिया की प्रगति के बारे मे चर्चा किया । नेपाल में पत्रकारिता की गुंजाइश पर भी उनलोगो ने बात की तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीडिया के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की ।
इसके अलावा, दीक्षित और वागले ने नेपाल में नागरिक पत्रकारिता के बढ़ते दायरे पर जोर दिया और आधुनिक युग में सामाजिक नेटवर्किंग के प्रभावों के बारे में भी अपनी धारणा व्यक्त की ।
“कोई भी आज के अखबार कल नही पढ़ता है । आज, लोगों को भी टीवी पर एक शाम खबर के लिए प्रतीक्षा करने का समय नही है, न तो लंबा लेख पढ़ने का ही समय है । यह पेशेवर पत्रकारों और नागरिक पत्रकारों के बीच की प्रतिस्पर्धा है, “दीक्षित और वागले दोनो ने व्यक्त किया ।
फेसबुक और ट्विटर जैसे सामाजिक मीडिया सामाजिक परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और नेपाल मे अकेले, लगभग 2 लाख फेसबुक उपयोगकर्ताओं है यह तथ्य भी सामने आया ।
इस अवसर पर नेपाल मे भारत के राजदूत जयंत प्रसाद ने कहा कि काठमांडू से एक दर्जन से भी अधिक समाचार पत्रों प्रकाशित होना बहुत ही उत्साहवर्धक है । इस अवसर पर बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन के सचिव तथा भारतीय दुतावास केप्रथम सचिव अभय कुमार ने अपना विचार व्यक्त किया था । भ्वाइसेस दो वक्ताओं और दर्शकों के बीच दिलचस्प और उपयोगी बातचीत के साथ संपन्न हुआ ।

