आदिकवि को श्रद्धांजलि स्वरूप प्रज्ञा मे तीन मंजिला पुस्तकालय का निर्माण : जयंत प्रसाद
काठमाण्डू, १२ जुलाइ २०१३ । बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन के सहयोग से काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल भारत पुस्तकालय मे पोइमाणडू का ५ वाँ संस्करण का आयोजन किया । पोएमाणडू के ५ वें संस्करण मे बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन की पहल से आदिकविभानुभक्त आचार्य की २०० वीं जयंती मनाई गइ ।
बीपी कोइराला फाउंडेशन के सचिव अभय कुमार ने स्वागत किया कहा कि और नेपाल का सबसे बड़ा कवि भानुभक्त आचार्य की २००वीं जयंती के उपलक्ष्य में ऐतिहासिक नेपाल भारत पुस्तकालय में इस समारोह का आयोजन करके उन्हे बहुत खुशी हो रही उन्होने कहा कि आदिकवि ने महाकाव्य को संस्कृत से नेपाली मे अनुवाद करके बहुत बडा काम किया है ,और ये दोनो देशों के बीच मे एक साहित्यिक पुल है ।
इस अवसर पर नेपाल मे भारत के राजदूत जयंत प्रसाद ने नेपाल और भारत के लोगों को जोड़ने में भानुभक्त की साहित्यिक कृतियों के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इस तरह के कई कार्यक्रम भारत मे भी भानुभक्त की २०० वीं जन्म जयन्ति मनाने के लिए सिक्किम, देहरादून, मैसूर, दार्जिलिंग और भारत के असम में आयोजित किए जा रहे हैं । राजदूत जयंत प्रसाद ने भानुभक्त की अमरावती कान्तिपुरी कविता की कुछ पक्तियाँ भी वाचन किया ।
इस अवसर राजदूत जयंत प्रसाद ने नेपाल मे आदिकवि के श्रद्धांजलि स्वरूप में नेपाल आदिकवि के श्रद्धांजलि स्वरूप में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान (सर्वोच्च साहित्यिक संस्था) के लिए एक तीन मंजिला पुस्तकालय भवन का निर्माण करने की भी घोषणा की । 
नेपाल अकादमी के चांसलर बैरागी काईला और कमल मणि दीक्षित ने इस अवसर पर नेपाली साहित्य में भानुभक्त के योगदान पर प्रकाश डाला । नेपाल के पुर्व राजदूत जयराज आचार्य ने अग्रेजी मे अनुवाद किये हुये भानुभक्त रामायण की कुछ पंक।यियाँ का वाचन किया । कवि सनत कुमार वस्ती ने गजल वाचन किया । sfo{qmd मे d’w{Go slj x]dGt lajz, 8f= ho/fh cfrfo{, uLtf lqkf7L, k|f= 8f=k|ofu/fh alz7, gj/fh nD;fn, x]drGb| g]kfn, z}n]Gb| k|sfz, wgjxfb’/ cf]nL, 8f= /fde/f]z sfk8L, OZj/L sfsL{, Zofd l/dfn, hoGt kf]v/]n औ/ k|ef e6\6/fO{ cflb ने काविता बाचन किया ।

