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मधेसी एकता की संभावना कम होने की धारणा लेकर गयें सलमान खुर्शीद

 

samjautaकाठमांडू:  भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से मुलाकात के दौरान शीर्ष मधेसी नेता आगामी संविधान सभा चुनाव के मुद्दों पर विभाजित दिखाई दियें ।
मधेशी नेता के अनुसार, तराई मधेश डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष महंथ ठाकुर और मधेसी जनाधिकार फोरम लोकतांत्रिक के अध्यक्ष बिजय कुमार गच्छेदार ने २५ सूत्री राष्ट्रपतिय आदेश और ११ सूत्री राजनीतिक समझौते के प्रति सरकार की नीति का बचाव किया, लेकिन तराई मधेश राष्ट्रीय अभियान के संयोजक जयप्रकाश प्रसाद गुप्ता और मधेसी जनाधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव ने सरकार की नीतियों का विरोध किया ।

गुप्ता ने बताया कि खुर्शीद आगामी चुनावों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए मधेसी नेताओं से आग्रह किया था । “हम चुनाव किसी भी कीमत पर निर्धारित तिथि पर ही देखना चाहते हैं चुनाव स्थिरता सुनिश्चित करने और नेपाल की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा, अगर चुनाव समय पर नही हुआ तो यह भू राजनीतिक असंतुलन को जन्म दे सकता है, गुप्ता खुर्शीद का उद्धृत करते हुये बता रहे थे ।

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खुर्शीद ने कहा कि भारत  निर्वाचन कराने के लिये ७०० वाहन प्रदान किया है लेकिन यही चुनाव सुनिश्चित करा नही सकता ” सीए चुनाव कराने के लिए राजनीतिक वातावरण महत्वपूर्ण है,” गुप्ता ने खुर्शीद को उद्धृत करते हुए बताया ।

गुप्ता ने भारतीय मंत्री खुर्शीद को कहा कि अगर भारत किसी भी कीमत पर चुनाव निर्धारित तिथि पर ही देखना चाहता है तो उसे यह भी सोचना होगा कि अगला सीए नर्वाचन एक नए संविधान देने मे सफल होगा या नही । गुप्ता ने कहा कि उन्होने भारतीय मंत्री खुर्शीद से यह भी कहा कि पिछला संविधान सभा  कुछ दलों की संघीय प्रणाली के प्रति अनिच्छा के कारण ही विफल हुआ था । अब यही दल  दलितों, मधेशी और जनजाति का प्रतिनिधित्व को कम करने पर तुली हैं । भारत को भी इन सभी मुद्दों के बारे में सोचना चाहिए, “गुप्ता ने कहा ।

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जवाब में खुर्शीद ने कहा कि वे इन सभी मुद्दों के बारे में नेपाल के प्रमुख दलों या संबन्धित व्यक्तियों तक यह संदेश पहुंचा देगें । गुप्ता के अनुसार व्यक्तिगत रूप से खुर्शीद मधेसी चिंताओं को गंभीरता से महसूस किया ।

सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो कहा कि निर्वाचन क्षेत्र नर्धारण आयोग व्दारा मधेशियों की जनसंख्या कम करके क्षेत्र निर्धारन किया जा रहा है जो कि मधेशियों को मान्य नही हो सकता है । उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न कारणों से मधेशियों को नेपाली नागरिकता प्रदान नही कया है चुनाव करवाने से पहले नागरिकता उपलब्ध करवाना जरुरी है ।

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महतो ने भारतीय मंत्री खुर्शीद के साथ बातचित मे कहा कि तराई में सक्रिय सशस्त्र गुटों को मुख्यधारा में लाना जरुरी है जो कि इनदिनो सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं । तराई के सशस्त्र समूहों को उसी प्रकार वापस लिया जाना चाहिए जिस प्रकार कभी एकीकृत सीपीएन माओवादी के लड़ाकुओं को समावेश किया गया था ।

भारतीय मंत्री ने मधेसी एकता की संभावनाओं के बारे मे अपनी दिलचस्पी दिखायी थी । लेकिन एकता की संभावना ऊन्हे कम दिखाइ दी और इम्प्रेशन का साथ वे चले गयें । गुप्ता ने यह जानकारी दी ।

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