अफगानिस्तान में अमेरिका की 20 साल पुरानी सैन्य उपस्थिति का अंत
वाशिंगटन, एजेंसी।
अफगानिस्तान में अमेरिका की 20 साल पुरानी सैन्य उपस्थिति का अंत हो गया है। यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल केनेथ मैकेंजी ने पेंटागन न्यूज ब्रीफिंग में इसकी घोषणा की।अमेरिकी सैनिकों ने तय समय से 24 घंटे पहले ही अफगानिस्तान को छोड़ दिया। देर रात काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अमेरिका के अंतिम तीन विमानों ने उड़ान भरी। राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस साल की शुरुआत में वापसी के लिए 31 अगस्त की समय सीमा तय की थी। वहीं, अमेरिका के अंतिम विमानों के काबुल से रवाना होते ही तालिबानी लड़ाकों ने फायरिंग कर जश्न मनाया।
अफगानिस्तान के राजनयिक मिशन को कतर ले जाएगा अमेरिका
अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपनी राजनयिक उपस्थिति को भी खत्म कर दिया और इसे कतर में शिफ्ट कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने अफगानिस्तान राजनयिक मिशन को कतर में स्थानांतरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस नए मिशन का नेतृत्व करने में मदद करने के लिए हमने एक नई टीम का निर्माण किया है। विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान में योगदान के लिए अमेरिका के सहयोगियों और भागीदारों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह आपरेशन हर तरह से एक वैश्विक प्रयास था। कई देशों ने एयरपोर्ट पर काम करने सहित लोगों को एयरलिफ्ट करने में मजबूत योगदान दिया। ब्लिंकन ने कहा कि विदेश विभाग का मानना है कि अफगानिस्तान से अभी भी 200 अमेरिकी बचे हुए हैं, जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं।

