Fri. Jul 24th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण का कार्य रुका, पिलर संख्या 811 करीब तीन दशक से गायब

 


उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय सीमा से नेपाल के हाईवे को लिंक हो रही आंतरिक सड़क का काम ब्रह्मदेव में विवादित गायब पिलरों के कारण रुक गया है। अब सर्वे ऑफ इंडिया और सर्वे ऑफ नेपाल की ओर से सर्वेक्षण के बाद ही इस पर आगे की कार्यवाही हो पाएगी। दोनों देशों के अधिकारियों ने आपस में बातचीत के बाद सड़क निर्माण को ब्रह्मदेव में रोक दिया है। यहां एसएसबी प्रत्येक मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं।

नेपाल दार्चुला से खल्ला, मसेटी, परीगांव, तातापानी और सादनी होते हुए कंचनपुर जिले तक हाईवे का निर्माण कर रहा है। उधर, दार्चुला से टिंकर बॉर्डर तक सड़क का सर्वे भी नेपाल आर्मी के सहयोग से कुछ माह पूर्व ही पूर्ण हो चुका है।  यह हाईवे ब्रह्मदेव के वन समिति से करीब 2.5 किमी के दायरे में बड़ी चट्टान के कारण रुका हुआ है।

यह भी पढें   सहज वातावरण निर्माण के लिए बातचीत हो रही है – विश्वप्रकाश शर्मा

जबकि इससे आगे कंचनपुर तक हाईवे तैयार हो गया है। इस हाइवे को आंतरिक मार्ग से लिंक के लिए खल्ला गांव के करीब से एक सड़क ब्रह्मदेव और मटेना गांव से होते हुए बनाई जा रही है जो कंचनपुर में हाईवे से लिंक होगी। लेकिन इस आंतरिक सड़क का कार्य ब्रह्मदेव में नोमैंस लैंड के करीब विवादित गायब पिलरों के कारण रुक गया है।
करीब तीन दशक से भारत-नेपाल सीमा पर गायब चल रहे पिलर संख्या 811 और 810/2 के समानांतर ही नेपाल ने आंतरिक सड़क का सर्वे किया था जो यू-टर्न होकर आगे बढ़नी थी। लेकिन भारतीय प्रशासन और एसएसबी ने इस विवादित जगह पर नेपाल के सड़क निर्माण में रोक लगा दी है। अब सर्वे ऑफ इंडिया के क्लीयरेंस के बाद ही बाकी  सड़क निर्माण पर फैसला होगा।

एक पिलर पूरी तरह गायब, दूसरा खूंटे से तय

यह भी पढें   जानकी मंदिर से श्रम संस्कृति पार्टी के कार्यकर्ताओं को खदेड़ा गया

टनकपुर। सड़क निर्माण में बाधा बने विवादित पिलर संख्या 811 करीब तीन दशक से गायब चल रहा है। दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई बार विवाद खड़ा हुआ है। नेपाली पिलर 811 को शारदा नदी के बीचों-बीच तो भारत ब्रह्मदेव चौकी के आसपास बताता है। वहीं पिलर संख्या 810/2 पिछले कई समय से लकड़ी के खूंटे से दो देशों की सीमा तय कर रहा है। अब इन दोनों विवादों का हल  दोनों देशों की सर्वे टीमों को निकालना है।

नेपाल अपनी और दार्चुला से कंचनपुर तक हाईवे का निर्माण कर रहा है। जिसके लिए एक आंतरिक मार्ग ब्रह्मदेव से लिंक किया जाना था। मगर इसमें विवादित गायब पिलरों का मसला खड़ा हो गया है। जिसके बाद हमने इसे वहां के अधिकारियों से बातचीत कर कार्य रुकवा दिया है।  यह सड़क मटेना होते हुए हाईवे में लिंक होनी थी। मगर अब सर्वे के बाद ही स्थिति हो पाई। ब्रह्मदेव के पास सड़क का काम पूर्व में ही रोक दिया गया है।

यह भी पढें   अपनी सुंदरता का आकलन दर्पण में नहीं, लोगों के दिलों में खोजें : अध्यात्म

हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।

एक पिलर पूरी तरह गायब, दूसरा खूंटे से तय
टनकपुर। सड़क निर्माण में बाधा बने विवादित पिलर संख्या 811 करीब तीन दशक से गायब चल रहा है। दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई बार विवाद खड़ा हुआ है। नेपाली पिलर 811 को शारदा नदी के बीचों-बीच तो भारत ब्रह्मदेव चौकी के आसपास बताता है। वहीं पिलर संख्या 810/2 पिछले कई समय से लकड़ी के खूंटे से दो देशों की सीमा तय कर रहा है। अब इन दोनों विवादों का हल दोनों देशों की सर्वे टीमों को निकालना है। Hindustan साभार

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *