संविधान में कुछ सकारात्मक पक्ष भी है, लेकिन अपूरा है, संशोधन मार्फत उसको पूर्णता प्रदान करना होगाः भण्डारी

काठमांडू, २० सितम्बर । लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के वरिष्ठ नेता शरदसिंह भण्डारी ने कहा है कि वर्तमान संविधान में कुछ सकारात्मक पक्ष भी है, लेकिन वह अपूर्ण है । उनका कहना है कि संविधान को संशोधन कर अपूर्ण पक्ष को पूर्णता प्रदान करना होगा । सरकार द्वारा घोषित ‘संविधान दिवस’ के विरुद्ध आयोजित ‘ब्ल्याक डे’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है । उन्होंने कहा कि जब तक संविधान में अन्तरनिहित विभेद को संशोधन मार्फत खत्तम नहीं किया जाएगा, तब तक इस दिन को मधेशी जनता ब्ल्याक–डे के रुप में ही मनाएगी ।
आइतबार लोसपा बागमती प्रदेश समिति द्वारा आयोजित ‘शहीद की बलिदानी एवं संविधान की पूर्णता’ विषयक विचार गोष्ठी को सम्बोधन करते हुए नेता भण्डारी ने कहा– ‘संविधान जारी करते वक्त मधेशी युवाओं के ऊपर गोली की बारिश की गई, वह दिन हम लोगों ने नहीं भूले हैं, भूल भी नहीं सकते हैं । इसतर बंदूक के नाल में जबरजस्त जारी की गई संविधान में संशोधन आवश्यक है, जब तक संशोधन नहीं होगा, तब तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा ।’
नेता भण्डारी ने कहा कि प्रथम संविधानसभा से मधेशी, आदिवासी जनजाति, पिछडे हुए समुदाय के पक्ष में संविधान बनने की संभावना थी, लेकिन कुछ बड़े राजनीतिक दलों की षडयन्त्र के कारण संवधानसभा को ही भंग कर दिया गया ।

