रसुवा बाढ़: 1600 बच्चों की जान बचाने वाले प्रिंसिपल से मिले भारतीय राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव, स्कूल के पुनर्निर्माण का दिया आश्वासन
बिदुर, नुवाकोट, 1 सितंबर : नेपाल के रसुवा में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में त्रिभुवन त्रिशुली माध्यमिक विद्यालय के बह जाने से ठीक पहले, 1600 से अधिक बच्चों की सुरक्षित जान बचाने वाले स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी की सूझबूझ की हर तरफ सराहना हो रही है। उनके इस अदम्य साहस और समय पर की गई कार्रवाई के लिए भारतीय राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव तथा दूतावास के प्रतिनिधियों ने बिदुर (नुवाकोट) में उनसे विशेष मुलाकात कर उनके प्रयासों को सलाम किया।
स्कूल का ऐतिहासिक भारतीय जुड़ाव
इस स्कूल का भारत के साथ एक पुराना और गहरा ऐतिहासिक नाता रहा है:
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स्थापना: 1950 के दशक में भारत की प्रारंभिक सहायता से इस स्कूल का निर्माण किया गया था।
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डिजाइन: त्रिशुली जलविद्युत परियोजना के निर्माण से जुड़े एक भारतीय इंजीनियर ने इसका मूल डिजाइन तैयार किया था।
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नया निर्माण: हाल ही में वर्ष 2022 में भारत सरकार के ‘उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास कार्यक्रम’ (HICDP) के अनुदान के तहत स्कूल की एक नई इमारत का निर्माण किया गया था।
पुनर्निर्माण का भरोसा
हालिया विनाशकारी बाढ़ में स्कूल के बह जाने के बाद, नेपाल में स्थित भारतीय राजदूत ने प्रिंसिपल श्री दवाडी को यह ठोस आश्वासन दिया है कि भारत सरकार भविष्य में इस स्कूल के पुनर्निर्माण में अपना पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
संकट की इस घड़ी में भारत का यह त्वरित कदम और सहयोग का वादा नेपाल और भारत (🇮🇳🤝🇳🇵) के बीच अटूट द्विपक्षीय संबंधों और जमीनी स्तर पर आपसी साझेदारी को एक बार फिर से रेखांकित करता है।


