प्रधानन्यायाधीश जबरा की कार्यक्षमता और भ्रष्ट चरित्र के ऊपर छानबिन करने के लिए सरकार से आग्रह

काठमांडू, १६ नवम्बर । प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबरा के ऊपर छानबिन कर स्वतन्त्र न्यायपालिका कायम रखने के लिए नागरिक समाज ने सरकार से आग्रह किया है । आज सोमबार एक विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए उन लोगों ने कहा कि प्रधानन्यायाधीश अविश्वसनीय गतिविधि दिखा रहे हैं, उनकी कार्य सम्पादन और न्यायिक कार्य क्षमता में प्रश्न उठ रहा है, इतना ही नहीं उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप भी है । विज्ञप्ति में आगे कहा है कि न्यायिक क्षेत्र में दिखी गई ऐसी प्रवृत्ति को निरुत्साहित करने के लिए प्रधानन्यायाधिश के ऊपर छानबिन कर स्वतन्त्र न्यायपालिका कायम रखना चाहिए ।
इसीतरह न्यायाधिश नियुक्ति में हो रहे अपारदर्शी गतिविधि, राजनीतिक प्रभाव, न्यायपरिषद् में हो रहे राजनीतिकरण आदि विषय में प्रश्न करते हुए विज्ञप्ति में कहा है– ‘प्रधानन्यायाधीश जबरा तथा न्यायिक भ्रष्टाचार में संलग्न सभी न्यायाधिश, कर्मचारी एवं विचौलिया के ऊपर यथाशीघ्र छानबिन होना चाहिए और उन लोगों को कानूनी दायरा में लाने के लिए अपील किया जाता है ।’
नागरिक समाज के नाम में इसतरह विज्ञप्ति प्रकाशित करनेवालों में अर्चना थापा, अञ्जना शाक्य, अनिता थपलिया, आरती जोशी, अल्का श्रेष्ठ, इन्दू तुलाधर, केशव नेपाली, गौरा नेपाली, डा. वीरेन्द्रराज पोखरेल, नीतु पोखरेल, पशुपति कुँवर, प्रतिभा रिजाल, भारतीय सिलवाल, रीता साह, श्याम विक, सरिता श्रेष्ठ, सरु जोशी, सुनिल कुमार श्रेष्ठ, सोम निरौला, सृष्टि जोशी हैं ।

