जानकी मन्दिर काे विश्व सम्पदा सूचि में सूचिकृत के लिए प्रतिबद्ध हूँ : मन्त्री आले

अंशु झा, ५ दिसम्बर, काठमांडू । संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री प्रेमबहादुर आले ने जानकी मंदिर काे विश्व सम्पदा सूचि में सूचिकृत करने हेतु प्रतिबद्ध हुए हैं ।
श्रीराम जानकी विवाह उत्सव २०७८ के अवसर पर १८ गते शनिवार के दिन मिथिला संस्कृति समाज नेपाल द्वारा आयाेजित विचार गाेष्ठी तथा श्रष्टा सम्मान कार्यक्रम में मन्त्री आले ने बताया कि जानकी मन्दिर काे विश्व सम्पदा सूचि में सूचिकृत करने का शुभारम्भ हाे चुका है । उन्हाेंने कहा कि जानकी मन्दिर का इतिहास पशुपति मन्दिर से भी पुराना है परन्तु दुख की बात यह है कि अभी तक जानकी मन्दिर विश्व सम्पदा सूचि में सूचिकृत नहीं हाे पाया है जिससे ऐसा लगता है कि हमारा एक धराेहर कहीं गुम गया है ।
उन्हाेंने कहा कि मैं जिस दिन से उक्त मन्त्री का पदभार ग्रहण किया है उसी दिन से इस कार्य के लिए तत्पर्य हूँ । बहुत जल्द यह खुशी अाप सभी के समक्ष अाएगी ।
कार्यक्रम में जे. भी. फाउन्डेसन का केन्द्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाजसेवी प्रा. डा. जगदीश वैद्य भी उपस्थित थे ।
उक्त अवसर पर मिथिला तथा मैथिली के लिए याेगदान देने वाले आठ स्रष्टाअाें काे सम्मानित किया गया ।



तिरहुत (मिथिला )मे दर्जनों भाषाएँ बोली जाती हैं , सिर्फ मैथिलि ही नही , फिर बाकि भाषाओं के साथ भेदभाव कयों ?.?