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भारतीय सहयोग से नेपाल में ५० हजार घरों का पुनर्निर्माण हो चुका हैः भारतीय विदेशी मंत्री एस. जयशंकर

 
एस. जयशंकर, फाईल तस्वीर

काठमांडू, ९ दिसम्बर । भारतीय विदेशमंत्री डा. एस. जयशंकर (ईएएम) ने कहा है कि भारत सरकार की आर्थिक सहयोग में नेपाल के गोरखा और नुवाकोट जिला में ५० हजार निजी आवास (घरों) का पुननिर्माण कार्य सम्पन्न हो चुका है । सन् २०१५ में भूकंप से क्षतिग्रस्त भौतिक संरचनाओं की पुननिर्माण संबंधी विषयों को लेकर नेपाल द्वारा आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन को भीडियो सन्देश मार्फत सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
भूकंप के बाद नेपाल को प्राप्त ज्ञान, अन्तर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर की गई आपतकालीन प्रतिकार्य, पुनिर्माण और पुनस्र्थापना के संबंध में प्राप्त अनुभव को आदन–प्रदान करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया था । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए भारतीय विदेशमन्त्री डा. एस. जयशंकर ने कहा कि पुनिर्माण संबंधी विषयों को लेकर सन् २०१५ जून २५ में नेपाल सरकार द्वारा आयोति प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सरकार की ओर से १ अरब अमेरिकी ड‘लर सहयोग की प्रतिबद्धता हुई थी । उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता के अनुसार गोरखा और नुवाकोट जिला में ५० हजार निजी आवासों का निर्माण कार्य सम्पन्न हो चुका है । उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार द्वारा पहचान की गई प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में प्रतिबद्धता अनुसार बिगत ५ साल के अवधि में उल्लेखनीय काम हुआ है ।
परराष्ट्रमन्त्री एस. जयशंकर का यह भी कहना था कि स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृतिक सम्पदाओं की पुननिर्माण का काम भी हो रहा है । उन्होंने आगे कहा– ‘भूकंप से प्रभावित विभिन्न जिलों में ७० विद्यालय और पुस्तकालय भवन, १ सौ ३२ स्वास्थ्य केन्द्र भवन और २८ सांस्कृतिक सम्पदा के क्षेत्रों की पुननिर्माण के लिए भारत सरकार ने आर्थिक सहायता प्रदान की है ।’ उन्होंने यह भी कहा कि भूंकप के बाद अपनी जीवन और समुदायों की पुनिर्माण के लिए नेपाली जनता ने जो साहस दिखाई है, वह प्रशंसनीय है । उन्होंने आगे कहा कि नेपाल और नेपाली जनता की बहुआयामिक विकास के लिए भारत सरकार की ओर जारी सहयोग निरन्तर कायम रहनेवाला है ।

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