जनकपुरधाम ही स्थायी राजधानी बनें : सुरिता साह (पूर्व मंत्री तथा बिधायक)

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । पूर्व मंत्री तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के बिधायक सुरीता साह ने प्रदेश सभा जनकपुरधाम को स्थायी राजधानी का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने सभापति से आदेश के बाद सदन को संबोधित किया। सुरीता साह ने कहा कि जनकपुरधाम त्रेता युग से जुड़ा है। जगत जननी सीता की जन्म भूमि है। प्राचीन मिथिला की राजधानी भी है। राजा जनक तथा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का सीता माता के परिणय सूत्र में बंधना! इसको पूरी दुनिया जानती हैं। भौगोलिक दृष्टि से भी जनकपुरधाम में स्थायी राजधानी होना चाहिए क्योंकि यह प्रदेश दो के आठ जिलों के मध्य में पड़ता है। जिससे सभी जिलों को राजधानी आने में सुगम हैं। यह सीमा से दूर भी है। जहां तक वीरगंज की बात है। पांच औद्योगिक बिकास क्षेत्र में बीरगंज है। प्रदेश दो के औद्योगिक राजधानी है। पथलैया औद्योगिक कोरिडोर हैं। सुरीता साह ने कहा कि अगर एक साल पहले जनकपुरधाम स्थायी राजधानी बन जाती तो प्रदेश सभा, मंत्रालय तथा मंत्री आवास आदि का बजट संघीयतथा प्रदेश सरकार के द्वारा आवंटित होता।

