इस बार होलिका दहन भद्रा में होगा
काठमांडू, 14 मार्च ।होलिका दहन 17 मार्च को भद्रा के दौरान ही होगा, लेकिन यह होलिका दहन अशुभ नहीं माना जाएगा। निशीथ काल तक रहने वाली भद्रा के मुंह को छोड़कर, निशीथ काल से पहले होलिका दहन किया जा सकता है। आचार्य के अनुसार, इस बार भद्रा का मुंह दिन में ही निकल आएगा। इससे प्रदोष काल में ही होलिका दहन किया जाना शास्त्रोक्त रहेगा।
17 मार्च को दिन में चतुर्दशी तिथि समाप्त हो रही है, पूर्णिमा लग जाएगी। इसी दिन होलिका दहन होना है। भद्रा में होलिका दहन करना वर्जित माना गया है। शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि यदि भद्रा निशीथ काल के बाद तक रहे तो ऐसी स्थिति में भद्रा का मुंह छोड़कर निशीथ काल से पहले होलिका दहन कर सकते हैं। इस बार भद्रा का मुंह दिन में ही निकल आएगा। इससे प्रदोष काल में ही होलिका दहन किया जाना शास्त्रोक्त रहेगा। इसके अनुसार 17 मार्च को शाम 06:39 से लेकर 10:15 तक होलिका दहन किया जा सकता है।

