कपिलवस्तु में दो दिवसीय “श्याम सतरंगी फाल्गुणोत्सव” भव्यता के साथ संपन्न
* बेहद सौम्यता के साथ भारतीय नगरों से आई भव्य श्याम निशान यात्रा* कर्णप्रिय भजनों, श्याम प्रभु के जयकारों से सीमा क्षेत्र का वातावरण हुआ भक्तिमय* कृष्णनगर में बढनी तथा 19 किमी.दूर पचपेड़वा से भी आयी यात्रा का जगह जगह हुआ स्वागत, कराया जलपान
* अजय प्रताप गुप्त, कपिलवस्तु (लु.प्र.)। श्रीश्याम भक्त मंडल कृष्णनगर (कपिलवस्तु) द्वारा आयोजित खाटू नरेश श्याम प्रभु का “28वां श्रीश्याम सतरंगी फाल्गुनोत्सव” परंपरानुसार भव्यता के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर सौम्यता के साथ भारतीय क्षेत्र से आई श्रीश्याम निशान शोभायात्रा का मेयर रजत प्रताप शाह आदि द्वारा स्वागत किया गया। दो दिवसीय महोत्सव के प्रथम दिन भक्ति भाव से परिपूर्ण, रास-रंग से सराबोर तथा जयकारे के साथ आयी निशान यात्रा से कृष्णनगर समेत पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया।
मारवाड़ी समुदाय में विशेषकर पूज्य, शीश के दानी बाबा श्याम के दो दिनी 28वें श्याम महोत्सव के पहले दिन बढनी स्थित श्रीराणी सती दादी मंदिर में 351 निशान को पूजित करने के उपरांत श्याम भक्तों द्वारा निशान शोभायात्रा शुरू की गई।श्याम प्रभु की मनोहर झांकी लेकर सुमधुर भजनों, विभिन्न जयकारों के साथ अबीर गुलाल से सराबोर हो निकली निशान यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे-बूढ़े, महिला-पुरुष ने सहभागिता की। निशान यात्रा सीमाई भारतीय क्षेत्र का भ्रमण करते हुए कृष्णनगर पहुँची।
बॉर्डर पर कृष्णनगर के मेयर रजत प्रताप शाह ने अपने सहयोगियों के साथ पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।जनपद प्रहरी तथा सशस्त्र पुलिस बल सुरक्षा में लगा रहा।नगर भ्रमण के बाद कारवां लक्ष्मी नारायण मंदिर में पहुँचा,वहां श्याम दरबार में पूजित निशान को समर्पित किया,इसी के साथ ही यात्रा सम्पन्न हो गयी।कृष्णनगर में कई जगहों पर जूस,शीतल पेय,जल आदि से भक्तों का स्वागत किया गया।भाव पूर्ण भजनों, सुरम्य होली तथा हृदयस्पर्शी जयकारों से सीमाई नगरों का वातावरण श्याममय हो गया।पड़ोसी जिला बलरामपुर के पचपेड़वा से भी विशाल निशान यात्रा आयी
श्याम भक्त मंडल के पदाधिकारी मनीष सिंघल, विक्रम सिंघल व राम अवतार टिबड़ेवाल ने बताया कि सायं 7 बजे से श्याम बाबा के दरबार में पावन ज्योति जलायी गई,उन्हें छप्पन भोग चढाने के बाद दिल्ली (भारत) के भजन गायक भविष्य सीकरी द्वारा भजनों की गंगा प्रवाहित की गयी। कानपुर के कलाकारों द्वारा कृष्ण-सुदामा भाव चित्रण, राधा-कृष्ण नृत्य व फूलों की वर्षा, लट्ठमार होली रासलीला, यशोदा माँ और श्रीकृष्ण के बाललीला की विशेष प्रस्तुतियां भी की गयी जो देर रात्रि तक चलता रहा।द्वितीय दिवस प्रातः 8 बजे से द्वादशी धोक हुआ तथा सायं 7 बजे से महाप्रसाद का कार्यक्रम चला,जिसमे नेपाल व भारत के विभिन्न वर्गों के सैकड़ों लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया।महोत्सव को सफल बनाने में मनीष बाजोरिया, हिमांशु कंछल, गुलाब अग्रवाल, बालकृष्ण सिंघल, अरविंद कंछल, ज्योत अग्रवाल, दीपक खेतान, केशव टिबड़ेवाल, रागिनी डोकानिया, प्रीति केडिया आदि का सक्रिय सहयोग रहा।कार्यक्रम में कमल मित्तल, प्रदीप केडिया, संजय केडिया, नंदकिशोर शर्मा, गोविंद अग्रवाल, विष्णु मित्तल, गुड्डू बंसल, प्रदीप कमलापुरी, डॉ अमृत मित्तल, सुनील अग्रहरी, मनोज बाजोरिया, रश्मि बंसल,आभा मित्तल, नम्रता गुप्ता,अलका शर्मा, किरण छापड़िया, शिवम बिरमीवाल, मुकुल शर्मा, रोहित बंसल, मनीष बाजोरिया आदि भक्त सहभागी रहे।

श्याम प्रभु की झांकी, यात्रा में शामिल नेपाल व भारत के श्याम भक्त तथा श्याम दरबार मे निशान अर्पित करने जाते श्याम प्रेमी



