दूधमती तट पर श्री भक्तमाल कथा का आयोजन

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । दूधमती तट स्थित वैदेही रसिक प्रिये कुन्ज में दूधमती दिव्य महोत्सव का आयोजन किया गया है। दूधमती दिव्य महोत्सव के अवसर पर श्री भक्तमाल कथा वृदांवन के कथावाचक बाल व्यास हरि शरण उपाध्याय द्वारा 17 अप्रैल को कथा शुभारंभ किया गया है। उस कथा का उद्घाटन जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास बैष्णव ने किया। कथा का पूर्णाहुति 24अप्रैल को होगा। इस कथा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास बैष्णव ने कहा कि प्राचीन ग्रंथों में दूधमती की तुलना गंगा से कई गयी है। आज यह पवित्र नदी भी प्रदूषित हो रही है। नदी का अतिक्रमण हो रहा है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जनकपुरधाम के हर मठ मंदिर की अलग महत्व है। इस लिए जनकपुरधाम श्री रामानंद बैष्णव द्वारा विभिन्न पौराणिक स्थलों पर धार्मिक समारोह करने की ठानी है। दूधमती दिव्य महोत्सव इसी का जीता जागता उदाहरण हैं।






